नआजमगढ़। पहली बार नगर पंचायत बनी माहुल में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की भरमार रही। लेकिन इसमें कोई प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सका। नवनिर्वाचित अध्यक्ष बदरे आलम भी निर्धारित जमानत की सीमा को पार नहीं कर पाए। लेकिन विजेता होने की वजह से उनकी छोड़कर सभी 17 प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त होगी।
सपा शासन काल में बनी नगर पंचायत माहुल में अध्यक्ष पद के चुनाव के कारण चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों की तादाद भी अधिक थी। माहुल में कुल 7573 मतदाता थे। जिसमें से मतदान के दिन 22 नवंबर को 5006 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए कुल 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। शुक्रवार को मतगणना की समाप्ति के बाद बदरे आलम यहां से अध्यक्ष निर्वाचित हुए। बदरे आलम को 951, ओमप्रकाश को 695, सत्यभामा को 673, शौकत को 587, कुसुम को 582, जयप्रकाश को 500, मु. अशरफ को 346, सुबेदार को 200, सुदामा को 97, रेखा को 32, गुड्डी को 22, नजरे आलम को 18, हरिश्चंद्र को 16, महेंद्र यादव को 12, अबू शाद को 10, सदरूद्दीन को छह, गीता को पांच और श्रवण कुमार को चार मत प्राप्त हुए। मतगणना में 236 मत निरस्त हुए। ऐेसे में किसी भी प्रत्याशी को जमानत राशि जब्त होने से बचाने के लिए कु ल पड़े वैध मत का 5वें भाग से ज्यादा यानि 954 मत पाना अनिवार्य था। लेकिन माहुल में अध्यक्ष पद पर विजयी होने वाले बदरे आलम जमानत राशि के जरूरी 954 मतों से तीन मत कम 951 मत ही पा सके। लेकिन चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जो प्रत्याशी जीतता है उसकी जमानत राशि जब्त नहीं होती है।