फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खराब हैंडपंप, जाम नालियां और कूड़ों का अंबार बयां कर रहा दशा

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। शहर के बीचोबीच बसे वार्ड नंबर 19 मातबरगंज की समस्या भी अन्य वार्डों से जुदा नहीं है। पिछले नगरपालिका चुनाव में लोगों से विकास का वादा कर सभासद बनने के बाद भी शहानाबानो लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति नहीं दिला सकी। वार्ड में हैंडपंपों की हालत खराब है, नालियां जाम हैं और जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है। मुख्य मार्ग की सफाई तो हो जाती है लेकिन गलियों में कभी कभार ही सफाई कर्मी पहुंचते हैं।
विज्ञापन

नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के वार्ड नंबर 19 मातवरगंज की कुल आबादी लगभग 6000 है जिसमे वोटरों की संख्या लगभग 3400 है। वार्ड के लोग पेयजल और गंदगी के संकट से जूझ रहे हैं। वार्ड में चार हैंडपंप लगे हैं जो पिछले छह माह से खराब पडें हैं। लोगों ने कई बार सभासद और नगरपालिका प्रशासन से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वार्ड में जगह-जगह कूड़े कचरे का अंबार लगा रहता है सफाईकर्मी आते ही नहीं। अगर सफाई हो गई तो कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। नियमित न तो झाडू लगता है और न ही कूड़े का उठान होता है। वार्ड में कूड़ेदान की कोई व्यवस्था नहीं है लोग सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं और फेके गए कूड़े से नालियां जाम हो जाती हैं। नालियों को ढ़कने के लिए उन पर पटिया नहीं लगाई गई है। लोगों को रात के समय प्रकाश देने के लिए खंभों पर लाइट तो लगी लेकिन वह ठीक ढ़ंग से जलती नहीं है। जगह-जगह टूटी इंटरलाकिंग की मरम्मत नहीं हुई है। फागिंग न होने से वार्ड में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। एक मिनी ट्यूबवेल से ही लोगों को पानी उपलब्ध कराया जाता है।

वार्डवासी मनोज ने कहा कि नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़े का ढ़ेर लगा रहता है। कूड़ेदान नहीं लगाया गया, नालियों पर पटिया का निर्माण अधूरा पड़ा है। जिससे लोगों द्वारा फेंका गया कूड़ा कचरा नालियों में जाकर उसे जाम करता है। खराब पड़े हैंडपंपों को आज तक ठीक नहीं कराया गया जिससे लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है।
विज्ञापन


वार्डवासी गोपाल ने कहा कि मुख्य समस्या पेयजल की है। जब कभी बिजली कटती है तो वार्ड के लोगों को पेयजल के आपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं। जिससे लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ता है। सफाई नियमित नहीं होती है कभी होती है तो कभी नहीं होती है। झाडू लगता है लेकिन कूड़े का उठान रोज नहीं होता है।

वार्डवासी सत्यप्रकाश ने कहा कि नगर पालिका और सभासद दोनों ही वार्ड की साफ-सफाई के लिए गंभीर नहीं हैं, जिससे वार्ड में हमेशा गंदगी लगी रहती है। सड़कों पर तो किसी तरह सफाई हो जाती है लेकिन गलियों में पूरी स्थिति खराब है। सफाईकर्मी नियमित झाडू नहीं लगाते हैं गलियों में लगी स्ट्रीट लाईटें भी खराब पड़ी हैं।

वार्डवासी मनोज गुप्ता ने कहा कि साफ-सफाई सिर्फ नाम मात्र होती है अगर कभी झाडू लग भी गया तो कूड़ा कई दिनों तक पड़ा रहता है। नालियों की सफाई नहीं होती है। वार्ड में कोई कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है जिससे लोग सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं। वाटर सप्लाई का पानी भी नियमित नहीं आता है। फागिंग नहीं होती है

सभासद सहाना बानो ने कहा कि हमने जो भी वादा किया उसे पूरा किया है। जो कार्य अधूरे हैं उसे पूरा करेंगे। हमने पालिकाध्यक्ष और ईओ से आठ हैंडपंप की मांग की लेकिन चार मिले और वो भी खराब पड़े हैं। जिसके लिए हमने प्रस्ताव बनाकर जलकल विभाग को दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे लोगों को पेयजल के संकट का सामना करना पड़ता है। नाली निर्माण, इंटरलाकिंग, पटिया, फागिंग, सफाईकर्मी और कूड़ेदान की मांग की तो सिर्फ अश्वासन मिला। सफाईकर्मी की कमी के कारण वार्ड में नियमित सफाई नहीं हो पाती जिससे गंदगी रहती है। दो मिनी टयूबवेल की मांग की लेकिन एक लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें