आजमगढ़। धोखाधड़ी के मामले में वाराणसी के एक अदालत द्वारा जारी वारंट की वजह से मार्टीनगंज ब्लाक प्रमुख मनोज सिंह चुनाव जीतने के बाद भी शपथ नहीं ले पाए। शपथ ग्रहण के लिए डीएम की तरफ से पूर्व में दो बार तिथि की घोषणा की गई। लेकिन पुलिस के दवाब के चलते मनोज नहीं आए और समारोह को रद्द कर दिया गया। पुलिस तभी से मनोज की तलाश में थी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डीएम चंद्रभूषण सिंह की तरफ से मार्टीनगंज ब्लाक का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने के लिए 16 अक्तूबर का दिन निर्धारित कर दिया। एसडीएम मार्टीनगंज को कार्यक्रम प्रभारी नियुक्त किया गया है।
16 अक्तूबर को मार्टीनगंज ब्लॉक प्रमुख का शपथ ग्रहण होने के बाद ही क्षेत्र पंचायतों का गठन और पहली बैठक भी होगी। बता दें कि मार्टीनगंज ब्लाक प्रमुख की मौत हो जाने के बाद 13 अगस्त को मार्टीनगंज ब्लाक प्रमुख पद का चुनाव हुआ। जिसमें सपा नेता मनोज सिंह ने चुनाव जीत लिया। 24 अगस्त को ब्लाक परिसर में प्रमुख के शपथग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी लोग मंच पर मनोज के आने का इंतजार करते रहे लेकिन पुलिस धोखाधड़ी के एक मामले में वाराणसी की अदालत से जारी वारंट का हवाला देते हुए मनोज के गिरफ्तारी के लिए तलाश करने लगी। भयभीत मनोज समारोह में नहीं आए। इसके बाद कोर्ट के आदेश की प्रति दिखाने के बाद डीएम ने दोबारा शपथ ग्रहण के लिए सात सितंबर का दिन निर्धारित किया लेकिन इस दिन भी शपथ ग्रहण नहीं हो सका। तभी से मामला अटका हुआ था। शुक्रवार को सुप्रिम कोर्ट के आदेश पर डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मार्टीनगंज ब्लाक में प्रमुख पद के लिए ठाकुर मनोज सिंह का शपथग्रहण 16 अक्तूबर को कराने का दिन निर्धारित किया।
शहर में मनोज पुलिस को भनक तक नहीं
आजमगढ़। डीएम चंद्रभूषण सिंह की तरफ से शपथग्रहण के लिए 16 अक्तूबर की तिथि निर्धारित होने के बाद जहां ब्लाक क्षेत्र के लोगों में खुशी है। वहीं चर्चाओं का बाजार भी गरमा गया है। लोगों की मानें तो शपथ ग्रहण के समय पुलिस कोर्ट द्वारा जारी वारंट का बहाना लेकर मनोज के गिरफ्तार करने के लिए उनकी तलाश में जुट जा रही। गिरफ्तारी के भय से वह शपथ नहीं ले पा रहे। इस प्रकार का उठापटक एक बार नहीं बल्कि दो बार हो चुका है। शपथ ग्रहण के दिन पुलिस सक्रिय हो जाती है। शेष दिनों में उसे गिरफ्तारी की याद नहीं आती है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा कि आखिर किस वजह से पुलिस मनोज को परेशान कर रही। बीते तीन दिनों से लगातार वे शहर में रह अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगाते रहे, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
कहीं दल बदलने की तो नहीं है तैयारी
आजमगढ़। राजनीति में कुछ भी संभव नहीं है। इसका उदाहरण 13 अगस्त को मार्टीनगंज ब्लाक प्रमुख के हुए चुनाव में साफ देखने को मिला। जहां सपा के आजीवन सदस्य मनोज सिंह की जीत के लिए भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने पूरी ताकत झोंक दी थी। जबकि भाजपा नेता विपक्षी प्रत्याशी के समर्थन में बसपा के नेताओं ने पूरा जोर लगाया हुआ था। मार्टीनगंज ब्लाक प्रमुख चुनाव में सपा-भाजपा और भाजपा-बसपा के संयुक्त मिलन ने राजनीतिक धुरंधरों को सकते में डाल दिया था। अटकलें लगाई जा रही हैं कि शपथ ग्रहण के बाद मनोज दलबदल के फिराक में तो नही है।