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कर्जमाफी में उलझे रहे बैंक, लोन के लिए परेशान रहे किसान

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आजमगढ़। सरकार ने कम ब्याज के साथ किसान क्रेडिट कार्ड देने की योजना चलाई। इस योजना के तहत बहुत से किसान लाभांवित भी हुए, लेकिन विधानसभा चुनाव में जैसे ही भाजपा ने सरकार बनने के बाद किसानों के कर्जमाफ करने की घोषणा की बैंकों ने किसानों को कर्ज देना बंद कर दिया। सरकार ने एक लाख रुपये तक के फसली ऋण को माफ करने की घोषणा की। जिसका परिणाम हुआ कि बैंक कर्जमाफी योजना में जुट गए और उन्होंने किसानों को कर्ज नहीं दिया।
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किसानों को उनकी ऋण की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त और समय पर ऋण की सुविधा प्रदान करना साथ ही आकस्मिक खर्चों के अलावा सहायक कार्यकलापों से संबंधित खर्चों की पूर्ति के लिए सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत की गई। यह ऋण सुविधा एक सरलीकृत कार्यविधि के माध्यम से प्रदान की जाती है। योजना के तहत बैंकों ने वर्ष 2016-17 में 62 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया। लेकिन जैसे ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा सरकार बनने पर किसानों के ऋण माफी की घोषणा की गई किसानों ने बैंकों से लिया ऋण का पैसा देना बंद कर दिया। सरकार बनने के बाद भाजपा ने एक लाख रुपये तक फसली ऋण को माफ करने की घोषणा की। इसके बाद बैंक कर्जमाफी की श्रेणी में आने वाले किसानों का डाटा तैयार करने में जुट गए। वहीं जिन किसानों को नया किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना था वह बैंकों का चक्कर काटते रहे लेकिन बैंक उन्हें कोई न कोई कारण लगाकर लौटाते रहे। जिसके परिणाम स्वरूप में 2017-18 में जून तक आठ हजार पुराने किसान क्रेडिट कार्ड का रीनिवल और तीन हजार नए किसान क्रेडिट कार्ड ही बनाए जा सके।
लाटघाट। सगड़ी तहसील के सतना गांव निवासी रामजनम सिंह ने बताया कि उन्हें एक लाख रुपये की केसीसी बनवानी है। इसके लिए वह पिछले तीन महीनों से बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। बैंक कर्मचारियों द्वारा उन्हें आजकल कहकर लौटाया जा रहा है।
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लाटघाट। मुहम्मदपुर गांव निवासी सिपाही गोंड़ ने कहा कि उन्हें 50 हजार रुपये की केसीसी बनवानी है। वह कई महीनों से बैंक का चक्कर काट रहे हैं। बैंक कर्मचारी उन्हें फील्ड आफिसर के न होने की बात कहकर लौटा रहे हैं। इसके चक्कर में वह अपने दोस्तों से काफी पैसे लेकर खेतों में उर्वरक डाल चुके हैं।
लाटघाट। मुहम्मदपुर गांव के ही उपेंद्र कुमार राय ने कहा कि केसीसी के लिए बहुत प्रयास किया। लाटघाट बाजार में स्थित सभी बैंकों का चक्कर काटा लेकिन बैंक कर्मचारी कोई न कोई अड़चन लगाकर लौटा दिए। चार पांच महीने दौड़ने के बाद केसीसी बनवाने की आस ही छोड़ दी।
एलडीएम मनोज कुमार ने कहा कि अभी तो कर्जमाफी का कार्य चल रहा है। कर्जमाफी का कार्य पूरा होने के बाद ही पुराने कार्डों का रीनिवल और नए केसीसी कार्ड बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बार और अधिक केसीसी बनाए जाने की उम्मीद है। इस वर्ष अब तक 3000 नए केसीसी कार्ड बनाए गए हैं और आठ हजार पुराने कार्डों का रीनिवल किया गया है।
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