आजमगढ़। आंदोलन के दौरान शिक्षामित्रों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकना महंगा पड़ गया है। पुतला फूंकने के मामले में सिविल लाइन चौकी इंचार्ज हरेंद्र कुमार यादव ने नौ नामजद सहित कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्घि करते हुए 10 हजार रुपये कर दिया गया। इससे आक्रोशित शिक्षामित्रों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुक्रवार को धरने के बाद शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रतीकात्मक पुतला फूंका था। इस दौरान शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। शिक्षामित्रों द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने पर सिविल लाइन चौकी इंचार्ज हरेंद्र कुमार यादव ने नौ नामजद सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली मुकदमा दर्ज कराया। नामजद शिक्षामित्रों में हरेंद्र कुमार सिंह, अनिल विश्वकर्मा, ओमप्रकाश, रामअवतार विंद, रामविजय, प्रतिमा राय, उमेश यादव, राजेश यादव और साकेत पाठक शामिल है। मामला दर्ज कर पुलिस इनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।