आजमगढ़। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि आजमगढ़ की धरती ऋषियों-मुनियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, साहित्यकारों, विद्वानों की धरती रही है। यहां के लोगों ने समाजवाद को सींचा है। इटावा के बाद आजमगढ़ ही नेताजी का दूसरा घर है। यहां का स्नेह और प्यार मुझे यहां खींच लाता है। ये मेरा सौभाग्य होगा कि मुझे इस धरती के लोगों की सेवा का मौका मिले।
उन्होंने कहा कि जब मुझे राजनैतिक समझ नहीं थी तब भी मैं यहां आया था और आप से अपने प्रत्याशियों के समर्थन की अपील की थी। आजमगढ़ ने सदा ही समाजवादियों पर भरोसा जताया है। ऐसे में हम समाजवादी भी आप के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि नेताजी हमेशा कहते थे कि इटावा घर है तो आजमगढ़ दूसरा घर है। इटावा दिल है तो आजमगढ़ धड़कन है। ऐसे में मैं यहां बाहरी कहां से हूं, मैं तो अपने दूसरे घर चुनाव लड़ने आया हूं। उन्होंने कहा कि वोटों की गिनती जब होगी तब होगी, लेकिन आज की भीड़ ने बता दिया कि गिनती कहां तक जाएगी।
अंत में सपा मुखिया ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जिले में हुए विकास कार्यों का लेखाजोखा भी दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मेडिकल कालेज शुरू कराया, आगे इसमें और भी कोर्स शुरू कराए जाएंगे। कृषि महाविद्यालय बनाया। चीनी मिल स्थापित कराया। सड़कों का चौड़ीकरण व बिजली की व्यवस्था अंडरग्राउंड करवाई। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान शुरू हुई कई योजनाओं को वर्तमान सरकार ने बंद करा दिया। कई योजनाएं तो आधी-अधूरी तैयार होने के बाद धनाभाव में ठप पड़ी हैं।
पिताजी से कम वोटों से ही जीत दिलाएं
अपने पिता के प्रति सम्मान जताने के लिए अखिलेश यादव ने समर्थकों से पिता जी से कम वोट से जीत दिलाने की अपील की। कहा कि पिताजी मैनपुरी से चुनाव लड़ रहे हैं। वहां वो जितने वोटों से जीतें, उससे कम वोट से मैं यहां से जीतूं, यही इच्छा है।
डिप्टी सीएम फारर्वड मौर्या
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने सलेमपुर से आरएस कुशवाहा को जीताने की अपील की। उन्हें बैकवर्ड कुशवाहा बताया। डिप्टी सीएम केशव मौर्या की खिंचाई करते हुए उन्हें फारवर्ड मौर्या कहा। पूर्वांचल के सभी प्रत्याशियों का नाम लेते समय संगीता आजाद का नाम भूल गए किसी ने पीछे से याद दिलाया तो उन्हें भी जीताने की अपील की। संगीता ने गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।