आजमगढ़। सपा और बसपा ने गठबंधन करके चुनावी शंख तो फूंक दिया लेकिन नामांकन के दौरान गठजोड़ का रंग नहीं दिखा। अखिलेश के नामांकन में बसपा और रालोद के नेता तो रहे लेकिन संगीता आजाद के नामांकन में कोई सपा कार्यकर्ता नजर नहीं आया।
यहां तक कि बसपा के मुबारकपुर विधायक शाह आलम अखिलेश यादव के प्रस्तावक बने लेकिन संगीता आजाद के नामांकन में दोनों ही प्रस्तावक बसपा के ही रहे। इतना ही नहीं सपा कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही नारेबाजी में भी मायावती तो दूर बसपा का नाम तक नहीं लिया गया। सपा कार्यकर्ताओं ने डिंपल भाभी जिंदाबाद के नारे लगे। लेकिन बसपा लेकर उनके द्वारा कोई भी नारा नहीं लगाया गया। हालांकि जनसभा स्थल पर दोनों दलों के लोग एक साथ बैठे नजर आए। दोनों दलों के नेताओं ने जनसभा को भी संबोधित किया।