आजमगढ़। राम मंदिर का मुद्दा सिर्फ हिन्दुओं का नहीं है। बहुत से अन्य धर्मों के लोग भी भगवान श्री राम को अपना पूर्वज मानते है। यहीं कारण है कि देश की आम जनता चाहती है कि राम मंदिर विवाद का हल निकले। भाजपा न्यायालय की कभी अवहलेना नहीं करती है। यही कारण है कि 29 से सुनवाई शुरू करने की बात से पीछे हटने पर भी हम कुछ नहीं बोल रहे। हम सत्ता में है और आम जनता के प्रति हमारी भी जवाबदेही है, जिसके चलते हम भी चाहते है कि इस मुद्दे का जल्द हल निकले। उक्त बातें डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने पुलिस लाइन में मीडिया से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में भी यह बात है कि मंदिर का निर्माण सर्वानुमति अथवा न्यायालय के निर्णय से कराया जाएगा। इस मुद्दे पर पूरी पार्टी व सरकार सर्वानुमति के लिए लगातार प्रयास कर रही है। निश्चित तौर पर हम न्यायालय की अवहेलना कर कोई काम नहीं करने जा रहे। बोर्ड परीक्षा को लेकर पूछे गए प्रश्न पर कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग इस बार बड़ा रिकार्ड कायम करने जा रहा है। इस बार की बोर्ड परीक्षा मात्र 16 दिनों में संपन्न करायी जाएगी। परीक्षा पूरी तरह से नकल विहीन होगी और परीक्षा केंद्र भी ऐसे विद्यालय ही बनेंगे जो मानक को पूरा करते होंगे। केंद्रों के चयन में भी पूरी पारदर्शिता रहेगी। प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि इसमें सुधार हुआ है। बच्चों को यूनिफार्म, जुते-मोजे, स्वेटर, किताब, बैग सब कुछ मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। एससी-एसटी एक्ट पर न्यायालय के खिलाफ संसद में अध्यादेश लाने पर उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी का हित पूरा हो। इस सरकार में सामान्य, पिछड़े, एससी-एसटी किसी का भी किसी भी स्तर पर नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसी के चलते सरकार ने संसद में अध्यादेश लाया।
निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापना का चल रहा प्रयास
आजमगढ़। डिप्टी सीएम ने कहा कि जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग काफी दिनों से चल रही है। इस पर सरकार प्रयास में जुटी है। निजी क्षेत्र से विश्वविद्यालय स्थापना के प्रस्ताव मांगे गए है। जैसे ही कोई अच्छा प्रस्ताव आता है। सरकार उसे स्वीकार कर विश्वविद्यालय स्थापना की अनुमति प्रदान कर देगी।