आजमगढ़। सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड परीक्षा रविवार को जिले में बनाये गये 53 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हो गई। वहीं सुबह से ही हो रही बरसात ने परीक्षार्थियों को काफी परेशान किया। कई परीक्षार्थी तो भीगते हुए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। ज्यादातर परीक्षार्थी दूसरे जिले से आये हुए थे, जिसके चलते उन्हें केंद्रों पर पहुंचने में कुछ दिक्कत भी उठानी पड़ी। लगभग आधे परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिससे परीक्षा केंद्रों पर भीड़ भी कम देखने को मिली।
एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर जिले में 53 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे। जिस पर 24864 परीक्षार्थी को परीक्षा देनी थी। परीक्षा साढ़े ग्यारह से डेढ़ बजे तक थी। ज्यादातर परीक्षार्थी बाहरी जनपदों के थे, जिसके चलते केंद्रों पर सुबह छह बजे से ही परीक्षार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था। बाहरी जिले के परीक्षार्थी होने के चलते उनके साथ अभिभावक नहीं थे, जिसके चलते केंद्रों पर भीड़ ज्यादा नहीं थी। सुबह से हो रही बरसात के चलते भी परीक्षार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई परीक्षार्थी तो केंद्रों पर पहुंचने के पूर्व ही पूरी तरह से भीग गये थे। एलटी ग्रेड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जहां सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किये गये थे, तो वहीं 15 सेक्टर मजिस्ट्रों की भी तैनाती थी। प्रभारी अधिकारी एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। कुल 13232 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। 11632 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
हर केंद्रों पर रही फोर्स की तैनाती
आजमगढ़। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जहां केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किये गये थे तो वहीं सुरक्षा को लेकर एक इंस्पेक्टर के साथ सिपाहियों और होमगार्डों की ड्यूटी लगायी गई थी। परीक्षा केंद्रों के साथ ही शहर के सभी चौराहे-तिराहे पर भी परीक्षार्थियों को केंद्रों का रास्ता बताने और उनकी समस्या के निदान को लेकर जगह-जगह पुलिस के जवान ड्यूटी पर लगे हुए थे।
समय की कमी ने किया परीक्षार्थियों को परेशान
आजमगढ़। जिले में ज्यादातर परीक्षार्थी गणित विषय के आये हुए थे। अन्य विषयों के परीक्षार्थियों की संख्या काफी कम थी। किसी भी परीक्षार्थी ने यह तो नहीं कहा कि पेपर खराब हुआ है, लेकिन समय की कमी के चलते सभी प्रश्नों को ठीक ढंग से हल न करने पाने की बात सभी ने स्वीकारी। राजकीय बालिका इंटर कालेज पर मेरठ से परीक्षा देने आये रविंद्र कुमार ने बताया कि जो पेपर आया है उसके लिए दो घंटे का समय काफी कम था। मथुरा से आयी आरती साहू, प्रतिमा कुमारी ने बताया कि आधे घंटे का और समय मिला होता तो पेपर काफी अच्छा जाता। वैसे सभी प्रश्नों को किसी तरह अटेंड कर लिया है। मेरठ से आये अनूप सिंह ने कहा कि कई प्रश्न काफी उलझाऊ थे, जिसे हल करने में समय ज्यादा लगा और निर्धारित समय प्रश्नों की संख्या के सापेक्ष कम था।
सवारी के लिए परीक्षार्थियों को करनी पड़ी जद्दोजहद
फोटो संख्या .... 3, 4, 5, 6
आजमगढ़। डेढ़ बजे परीक्षा समाप्त होते ही परीक्षार्थी रोडवेज की तरफ कूच कर गये। गंतव्य की ओर रवाना होने के लिए परीक्षार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बरसात के चलते किसी तरह वे रोडवेज पहुंचे तो वहीं संबंधित बस के लिए उन्हें घंटों जद्दोजहद करनी पड़ी। मथुरा, मेरठ, आगरा के ज्यादा परीक्षार्थी होने के चलते लखनऊ रूट के अभ्यर्थियों की काफी संख्या थी। इस रूट पर बसे तो बहुत हैं लेकिन दिन के वक्त बसों की संख्या कम होने से परीक्षार्थियों को कुछ परेशानी उठानी पड़ी। परीक्षार्थियों की भीड़ बढ़ने पर रोडवेज प्रशासन ने कुछ दूसरे रूट की बसों को भी इस रूट पर लगा दिया था। परीक्षार्थियों की बहुत ज्यादा संख्या न होने के चलते रोडवेज पर दो घंटे के अंदर ही स्थित पूरी तरह से सामान्य हो गयी।