आजमगढ़। लोकसभा चुनाव सर पर हैं, लेकिन पार्टियों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसकी बानगी रविवार को सपा की ओर से चीनी मिल गेट पर आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान दिखी। अपने खेमे के नेता का संबोधन कराने को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद प्रतिनिधि रामदर्शन यादव का खेमा आमने-सामने हो गया। बात हाथापाई तक आ गई तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वरिष्ठों की ओर से हस्तक्षेप कर मामले को संभाला गया।
सपा में पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद प्रतिनिधि रामदर्शन यादव के खेमे के बीच की दूरी किसी छिपी नहीं है। रविवार को धरने के दौरान संचालन कर रहे हरिप्रकाश दुबे ने जिपं सदस्य वीरेंद्र यादव का नाम पुकारा तो अखिलेश यादव ने आपत्ति जता दी। उन्होंने कहा कि पूर्व जिला उपाध्यक्ष मो. जाहिद उर्फ आजाद संबोधित करेंगे। इसी को लेकर दोनों खेमे आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। जमकर हंगामा हुआ। लगभग आधे घंटे तक शोर शराबा और हंगामा चलता रहा। मारपीट तक की नौबत आ गई। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। सपा के बड़े नेताओं ने अपनी सूझबूझ से बीच-बचाव करा लोगों को शांत कराया। इसके बाद फिर से कार्यक्रम आरंभ हुआ। कुछ नेता खिन्न होकर बाहर चले गए। सठियांव बाजार, मुबारकपुर के चट्टी चौरहों पर इसकी चर्चा करके लोग चटखारे लेते नजर आए। वहीं, इस संबंध में जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि हाथापाई की बात नहीं है। बोलने को लेकर थोड़ी बात हुई थी। जिसे खत्म करा दिया गया था।