आजमगढ़। ताबड़तोड़ एनकाउंटर कर पुलिस ने भले ही जिले में अपराध का ग्राफ कम कर दिया है। लेकिन विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली अवैध वसुली पर अब तक नहीं रोक लगा पा रही। आलम यह है कि स्वयं एसपी दफ्तर में ही चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने वालों से पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की वसुली की जा रही। इस समस्या की तरफ किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं जाता। जबकि इस अवैध वसुली से क्षेत्रीय जनता काफी परेेशान है।
बता दें कि नौकरी, ठेकेदार सहित अन्य काम के लिए आवेदन करने पर उसमें एसपी की तरफ से जारी होने वाला चरित्र प्रमाण पत्र की प्रति लगाना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदनकर्ता को एसपी दफ्तर में बने काउंटर पर 50 रुपये की रशीद कटती है। नियम के तहत 50 रुपये का भुगतान कर लोग आवेदन करते हैं। यहां से संबंधित थाने के भेजकर रिपोर्ट मंगाई जाती है। थाने से रिपोर्ट लगने के बाद एलआईयू विभाग भी अपने स्तर से जांच पड़ताल कर रिपोर्ट लगाता है। इसके बाद फार्म एसपी दफ्तर में बने काउंटर पर जाता है। जहां से आवेदक को प्रमाण पत्र दिया जाता है। लेकिन इस प्रमाण पत्र को लेने से पहले उक्त काउंटर पर पांच सौ से एक हजार रुपये तक का अवैध शुल्क चुकाना पड़ता है। जो कोई इस रकम को नहीं देता। उसे प्रमाण पत्र देने में आनाकानी की जाती है। सीओ सिटी सच्चिदानंद ने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यदि शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।