आजमगढ़। रात को सोते समय एक महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के जुर्म में दोषी पाते हुए तीन अभियुक्तों को अदालत ने बीस-बीस वर्ष कैद के साथ ग्यारह-ग्यारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। शनिवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश संतोष तिवारी ने सुनाई।
अर्थदंड की प्राप्त धनराशि पीड़िता को देने और इस मामले में डीएनए की जांच नहीं कराए जाने पर विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने एसएसपी को पत्र भेजकर अवगत कराया है। जुलाई 2014 की रात में रौनापार थाना के सहबदिया सुल्तानपुर गांव के बाहर स्थित ट्यूबवेल पर गांव के तीन लोगों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में घटना के ढाई माह पूर्व स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। गांव के च्यूटा उर्फ भोला पुत्र लालचंद धोबी, खुल्लू पुत्र श्रीसंत, बहादुर पुत्र राम सागर सिंह पटेल आए और दुराचार किए। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने इस मुकदमे की वादनी पीड़िता समेत जय प्रकाश, रामहंस, सतेंद्र यादव, विवेचक अनिल चंद्र तिवारी समेत कुल नौ गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदलात ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।