आजमगढ़। नेहरू हाल में साल के अंतिम दिन रविवार को सप्तपर्णी साहित्योत्सव का आयोजन हुआ। जिसमें साहित्यकारों ने साहित्य के विकास को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही नए साल में साहित्य को नए मुकाम तक पहुंचाने का आह्वान हुआ।
वरिष्ठ व्यंगकार राजाराम सिंह ने कहा कि वर्तमान में साहित्य के लिए संक्रमण का समय चल रहा है। इससे निकलते हुए हमें अपने साहित्यों को नए आयाम तक पहुंचना होगा। डॉ. वेद प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि छोटे शहरों से साहित्यिक पत्रिका का प्रकाशन जोखिम भरा है। साहित्योत्सव में अन्य वक्ताओं ने भी अपने बातें रखी और साहित्य के उत्थान को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही नये साल में साहित्य को नए मुकाम तक पहुंचाने का आह्वान भी किया गया। साहित्योत्सव के प्रमुख वक्ताओं में पारसनाथ गोवर्धन, जगदीश प्रसाद बरनवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय, डॉ. प्रेम बहादुर सिंह, शीला पांडेय, गंगा शरण सिंह, अरविंद सिंह आदि शामिल रहे। देर शाम काव्य पाठ का भी आयोजित हुआ, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति कर लोगों का मन मोह लिया। इस अवसर पर प्रभुनरायन पांडेय, बृजेश कुमार सिंह, सपना बनर्जी, रितेश, दिनेश, शंभू, अवधेश, नवीन, राजेश, शारिक समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।