आजमगढ़। अहरौला ब्लाक के बीडीओ के स्थानांतरण को लेकर सीडीओ और परियोजना निदेशक में ठन गई है। सीडीओ के अनुमोदन पर जिलाधिकारी ने बीडीओ का स्थानंतरण जहां अतरौलिया कर दिया है वहीं, पीडी ने बीडीओ के कार्य को देखते हुए स्थानांतरण के अनुमोदन पर हस्ताक्षर से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही अनुमोदन के फाइल को भी वापस भेज दी।
अहरौला के बीडीओ रामचंद्र शर्मा के पास अतरौलिया का भी चार्ज था। बीडीओ के स्थानातंरण के लिए सीडीओ, डीडीओ और पीडी के अनुमोदन के बाद जिलाधिकारी की संस्तुति होती है। इसके बाद डीडीओ की ओर से इनका स्थानांतरण किया जाता है। सीडीओ के अनुमोदन और जिलाधिकारी संस्तुति के बाद डीडीओ विजय कुमार में शुक्रवार को रामचंद्र शर्मा का स्थानांतरण अतरौलिया कर दिया। अहरौला का चार्ज सीवीओ डॉ. वीके सिंह और तहबरपुर बीडीओ का चार्ज जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश शर्मा को सौंप दिया गया। फाइनल अनुमोदन के लिए परियोजना निदेशक डीडी शुक्ला के पास पहुंची तो उन्होंने रामचंद्र शर्मा के स्थानांतरण के अनुमोदन से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि रामचंद्र के कार्य के बदौलत ही जनपद में प्रधानमकंत्री आवास में प्रदेश में 25वां स्थान हासिल किया है। उन्होंने 70 फीसदी लाभार्थियों को दूसरी किश्त जारी कर दी है। उनके स्थानांतरण से अहरौला में कार्य प्रभावित होगा। वहीं, सीडीओ का कहना है कि रामचंद्र शर्मा दोनों ब्लाकों का कार्य ठीक से नहीं देख पा रहे थे। अतरौलिया में मनरेगा का कार्य पिछड़ रहा था। इसलिए इनका स्थानांतरण किया गया है, ताकि वो वहां कार्य पूर्ण रूप से देख पाए। शुक्रवार शाम को डॉ. वीके सिंह ने अहरौला का चार्ज ले लिया और ब्लाककर्मियों की मिटिंग ली। इस मौके पर मौके पर एडीओ पंचायत अमरजीत सिंह, जगदंबा दुबे, महेन्द्र सिंह मौजूद रहे।