आजमगढ़। जिला प्रशासन पर तानाशाही और उत्पीड़न के आरोप में ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी समंवय समिति, राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, तकनीकि सहायक संघ और सहायक विकास अधिकारी संघ का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन विकास भवन के सामने जारी रहा। जिसमें वक्ताओं ने जिला प्रशासन द्वारा कराई जा रही एफआईआर को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
प्रधानसंघ के राष्ट्रीय महासचिव डा. राजेश सिंह ने कहा कि जांच एक संवैधानिक प्रकिया है। जिसको रोका नहीं जा सकता है। इसके लिए प्रधानों की जांच नियमावली के तहत की जा सकती है और प्रधान से स्पष्टीकरण लेने के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानों पर एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए सीधे एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। कहीं न कहीं यह बदले की भावना और ओछी मानसिकता को दर्शाता है। इसके लिए प्रधान संघ की ओर से एक कमेटी बनाकर आरोपित प्रधानों और सचिवों की ग्राम पंचायतों का दौरा किया जाएगा। और वहां की सच्चाई जानी जाएगी। समन्वय समिति के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि प्रधानों और सचिवों पर एफआईआर करना दुर्भाग्यपूर्ण है और प्रदेश में आपातकाल जैसे हालात हैं। इस बात से संगठन क्षुब्ध है और तब तक धरना चलता रहेगा जब तक इसका कोई समाधान नहीं निकल जाता है। इस मौके पर रमेश शुक्ल, शांति शरण सिंह, राजवीर सिंह, महबूब आलम, हरेंद्र पाठक, दुर्गा राय, सभानरायन सिंह, विजई यादव, बृजेश सिंह, बच्चा सिंह, धीरेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अंजनी सिंह और संचालन शांति शरण सिंह ने किया।