आजमगढ़। जिले की 1811 ग्राम पंचायतों में विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बजट जारी किया जाता है। इस बजट को खर्च करने में 165 ग्राम सचिवों ने लापरवाही बरती है। इन सचिवों को विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
जिले की 1811 ग्राम पंचायतों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की जाती है। इस राशि का उद्देश्य गांवों में आधारभूत सुविधाएं, स्वच्छता, सड़क निर्माण, जल आपूर्ति और अन्य विकास परियोजनाओं को गति देना होता है।
इस वित्तीय वर्ष में 165 ग्राम सचिवों द्वारा इस राशि के उपयोग में लापरवाही बरती गई है। समय रहते धनराशि खर्च नहीं करने के चलते योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। जबकि इन गांवों के खातों में लाखों रुपये की धनराशि पड़ी है। इसे लेकर ग्रामीणों में भी असंतोष है।
272 के लक्ष्य के सापेक्ष आए 277 आवेदन
आजमगढ़। वहीं बेहतर काम करने वाली पंचायतों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत आवेदन किया जा रहा हैं। जिले में इस योजना के तहत लक्ष्य से अधिक आवेदन आए हैं। अभी 15 अगस्त तक इस योजना के आवेदन के लिए अंतिम तिथि है। जिले में शासन की ओर से 272 आवेदन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष में बुधवार तक 277 ग्राम पंचायतों के आवेदन पुरस्कार के लिए आए थे। इनमें से 255 ग्राम पंचायतों का डाटा अपलोड भी किया जा चुका है।
इसकी समीक्षा मैंने की थी। समीक्षा में 165 ग्राम सचिवों ने बहुत ही कम धनराशि खर्च की है। शेष धनराशि खातों में पड़ी है। इसे देखते हुए संबंधित ग्राम सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। - पवन कुमार, डीपीआरओ।