आजमगढ़। दी किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव के वर्ष 2018-19 के पेराई सत्र की बुधवार को शुरूआत हो रही है। इसके लिए चीनी मिल परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मिल प्रबंधन तैयारियों में जुटा है, लेकिन अब तक पेराई के लिए गन्ने की कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। दी किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव से 6 गन्ना समितियां जुड़ी हुई है। इसमें से सठियांव चीनी मिल को मुख्य रूप से गन्ना उपलब्ध कराने में सठियांव समिति व बूढनपुर समिति शामिल है। अन्य चार समितियों से गन्ना काफी कम मात्रा में ही मिल पर पहुंच पाता है। नये पेराई सत्र की आज शुरूआत हो रही है, लेकिन पेराई के लिए गन्ने का इंतजाम नाकाफी नजर आ रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि अब तक इक्का-दुक्का किसानों को ही गन्ना क्रय पर्ची उपलब्ध कराई गई है। पर्ची उपलब्ध कराने की कवायद सिर्फ सठियांव समिति द्वारा की गई है।
अब तक नहीं शुरू हुए है क्रय केंद्र
आजमगढ़। चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ हो रहा है और अब तक एक भी क्रय केंद्र नहीं खोले जा सके है। पिछली बार चीनी मिल द्वारा 58 क्रय केंद्र खोले गए थे और 35 कांटे लगाए थे, लेकिन अब तक कहीं भी किसानों से गन्ने की खरीद को लेकर क्रय केंद्र खोले जाने की तैयारी देखने को नहीं मिल रही है।
इन समितियों द्वारा उपलब्ध कराया जाता है गन्ना
आजमगढ़। दी किसान सहकारी चीनी मिल को गन्न उपलब्ध कराने वाली समितियों में सठियांव, बूढनपुर समिति प्रमुख है। ये दोनों समितियां जिले की है। इसके अलावा शाहगंज, नंदगंज, मेहरावा और चंदौली समितियां गैर जनपदों की समितियां है। इनसे भी कुछ मात्रा में गन्ना इस चीनी मिल को उपलब्ध होता है।