आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में गिने जाने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद स्व. ईशदत्त यादव की पुण्यतिथि मंगलवार को नगर के नेहरू हाल में समारोह पूर्वक मनाई गई। इस दौरान लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें जननेता बताया जिन्होंने आपातकाल के दौरान दमन के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया।
पूर्व मंत्री बलराम यादव ने कहा कि जन कांग्रेस, बीकेडी, लोकदल और समाजवादी पार्टी के अग्रणी पंक्ति के नेता के रूप में उन्होंने किसानों, पिछड़ों, दलितों और शोषितों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने आपात काल के दौरान दमन के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया और जेल में रहे। राज्यसभा सांसद के रूप में उन्होंने अमिट छाप छोड़ी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक रहते हुए उन्होंने सदैव अन्याय, उत्पीड़न और नाइंसाफी के खिलाफ आवाज को बुलंद किया। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के अभिन्न सहयोगी स्व. सांसद जी पूर्वांचल में समाजवादी आंदोलन के ध्वजवाहक थे। उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर प्रदेश और केंद्र में बैठी किसान, मजदूर, नौजवान विरोधी हुकूमत के खिलाफ सड़कों पर उतरना होगा। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने श्रद्घासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सादगी की प्रतिमूर्ति, प्रखर वक्ता और मुखर सांसद स्व. ईशदत्त यादव जी के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना होगा। पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि मेंहनगर क्षेत्र के ऐरा खुर्द में सामान्य शिक्षक के घर पैदा होकर उन्होंने संसद तक गरीबों की आवाज को बुलंद किया। उनका जीवन संघर्ष अनुकरणीय है। कार्यक्रम का संयोजन उप्र खाद्य एंव रसद आयोग के चेयरमैन और पूर्व सांसद नंद किशोर यादव ने किया। इस मौके पर विधायक आलमबदी, डा. संग्राम यादव, कल्पनाथ पासवान, नफीस अहमद, पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, विधान परिषद सदस्य राकेश कुमार यादव, वसीम अहमद, रामदर्शन यादव, अखिलेश यादव आदि ने उन्हें श्रद्घासुमन अर्पित किया।