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फरि बढ़ा घाघरा का जलस्तर, बंधे पर टिके 750 विस्थापित

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लाटघाट। बाढ़ की विभीषिका में घिरे सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवारावासियों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को स्थिर रहने के बाद घाघरा के जलस्तर ने फिर उफान पकड़ लिया। शुक्रवार को जलस्तर में पांच सेमी की इजाफा दर्ज किया गया। अभी भी नदी डिघिया में 94 और बदरहुआ में 48 सेमी लाल निशान से उपर बह रही है। 750 विस्थापितों ने बंधे पर शरण ले रखी है। सभी विस्थापितों को राहत सामग्री भी नहीं मिल पाई है।
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शुक्रवार को बदरहुवा गेज पर नदी का जलस्तर 72.20 मीटर और डिघिया गेज पर 71.34 मीटर दर्ज किया गया। बदरहुवा गेज पर लाल निशान 72.68 और डिघिया पर 70.40 मीटर पर है। शारदा बैराज से 31337 क्यूसेक और गिरजा बैराज से 120424 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गचया है। पिछले एक सप्ताह में प्रशासन अभी भी सभी विस्थापितों को राहत सामग्री उपलब्ध नहीं करा पाया है। बंतधे पर 750 विस्थापित छप्पर और पालीथीन डालकर पड़े हैं। शिवपुर सहदेवगंज, कुड़ही, हैदराबाद में विस्थापित श्रीराम, रामजी, राम आश्रय, सुनीता, प्रमिला ने बताया कि हमें राशन नहीं मिला है। गाड़ी आई थी कुछ लोगों को देकर चली गई। राशन के लिए हम अभी भी परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि राशन वितरण में गड़बड़ी हो रही है। कुछ को दिया जा रहा है और कुछ को नहीं। जो लोग अपने हैं, उनकी लिस्ट प्रधान, लेखपाल और सेक्रेटरी बना रहे हैं। उन्हीं को वितरण करा रहे हैं।

राहत सामग्री से वंचित हैं 4000 ग्रामीण
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल में घाघरा नदी के दक्षिण बांध के उत्तर में करीब सवा लाख की आबादी निवास करती है। 134 गांव हैं। बाढ़ से इन गांवों की पूरी आबादी प्रभावित है। सभी को राहत सामग्री की जरूरत है। अभी तक उनको ही सामग्री दी जा रही है, जो विस्थापित हैं। एसडीएम सगड़ी रवि रंजन ने बताया कि करीब तीन हजार लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया गा है। चार हजार लोग राहत सामग्री से वंचित हैं। जिनको एक-दो दिन में दे दिया जाएगा। बाढ़ चौकियों पर राहत सामग्री वितरण करने और कराने में बड़ी मशक्कत हो रही है। आपदा प्रभावित लोग नाव या पानी पार कर बाढ़ चौकियों पर पहुंच जा रहे हैं। भीड़ को देखते हुए वितरण में समस्या हो रही है। देवारा खास राजा के करीब950 लोग हैं, जिनमें राशन वितरण करना है। शुक्रवार को 170 लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया गया। पशुपालकों को भूसे की व्यवस्था तो कर दी गई, लेकिन हरा चारा नहीं मिल रहा है। डॉक्टर बीके सिंह ने बताया कि 261 क्विंटल भूसा गिराया गया है।
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किसानों की फसल हुई बर्बाद
लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के एमजी बांध के उत्तर के किसानों की धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो चुकी है। धान तो पूरा डूब गया है। गन्ने में भी पानी भरा होने से प्रभावित है। गन्ना किसानों का मानना है कि उचित मुआवजा नहीं मिला तो हम लोग बर्बाद हो जाएंगे। ईस्माइलपुर के प्रकाश यादव, रोशन गंज के लालधार यादव, हैदराबाद के कालीचरण यादव, परसिया के भजुराम सिंह पटेलस, मटिया से रामनिवास आदि ने बताया कि हमारी रोजी-रोटी गन्ने की फसल थी।
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