आजमगढ़। शहरी क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों को कायाकल्प के लिए गैस कंपनी गेल इंडिया को चार करोड़ रुपये की डीपीआर भेज दी गई है। धनराशि मिलने के बाद इन विद्यालयों का कायाकल्प कराया जाएगा। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने जल्द ही ये धनराशि मंजूरी होने की उम्मीद जताई है।
परिषदीय विद्यालयों में कहीं पेयजल की समस्या तो कहीं शौचालयों की समस्या से जूझ रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों में तो शासन की कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों का दशा सुधारी जा रही है। जनपद में 3250 परिषदीय विद्यालय है। इसमें प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल दोनों शामिल है। अभी तक लगभग 2000 विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है। योजना के तहत ग्राम निधि से विद्यालयों में शुद्ध पेयजल और शौचालयों के साथ ही हैंडवाश, रंगरोगन और बाउंड्री जैसे कार्य कराए गए हैं। शहरी क्षेत्र के विद्यालयों के साथ अभी समस्या बरकरार थी। यहां किसी प्रकार के निधि की व्यवस्था नहीं होने से जिला प्रशासन शहरी क्षेत्र के विद्यालयों का कायाकल्प नहीं करा पा रहा था। शहरी क्षेत्र के बात करें आजमगढ़ शहर में ही 30 विद्यालय है। इसमें 21 प्राथमिक और नौ जूनियर विद्यालय है। इसमें कई विद्यालयों में शौचालय की व्यवस्था ही नहीं है तो कई में जाने लायक स्थिति नहीं है। कई पेयजल सुविधा से अछूते हैं। जनपद में वाराणसी-हल्दिया गैस पाइप लाइन का कार्य गेल इंडिया की ओर से कराया गया है। लगभग 60 किमी की पाइपलाइन जनपद से गुजरी है। पाइपलाइन का कार्य आसानी से होने की एवज में इन विद्यालयों का कायाकल्प गेल इंडिया से कराने का प्रस्ताव जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कंपनी के अधिकारियों समक्ष रखा था। इसके लिए उन्होंने सीएसआर फंड से कार्य कराने के लिए हामी भरी थी और डीपीआर तलब की थी। इस कार्य के तहत पठन-पाठन का माहौल बनाने के साथ ही छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर, फर्श पर टाइल्स, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, शौचालय आदि भी दुरुस्त करने हैं। नाली, खडंजा, इंटरलाकिंग, सीसी रोड निर्माण कार्य भी करा सकते हैं। पालिका की ओर से लगभग चार करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर गेल इंडिया को भेज दिया गया है। धनराशि मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
शहरी क्षेत्र के विद्यालयों के कायाकल्प के लिए गैस कंपनी गेल इंडिया की ओर से सहमति दी गई थी। नगर पालिका की ओर से लगभग चार करोड़ रुपये की आंगणन रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसे कंपनी को भेज दिया गया है। जल्द ही धनराशि उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी