आजमगढ़। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के हाथीपुर गांव निवासी प्रेम नारायण ने शुक्रवार को डीएम से गुहार लगाने के साथ ही सीएम को भी शिकायती पत्र भेजा। जिसमें उन्होंने लेखपाल और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से एक ही परिवार में 14 पट्टे देने का आरोप लगाया। शिकायती पत्र में उन्होंने उक्त प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रेम नारायण ने बताया कि उनके गांव में एक ही परिवार में 14 पट्टे दिए गए है। जब वह इस बारे में आरटीआई से सूचना मांगते हैं तो उन्हें गलत सूचना उपलब्ध कराई जाती हे। नौ जुलाई 2018 को मेरे द्वारा उक्त व्यक्ति की गांव में कितनी जमीन है इसकी जानकारी मांगी गई तो उसके उत्तर में लेखपाल ने शून्य लिखकर दे दिया। जबकि उक्त व्यक्ति को दो दिसंबर 1975 में आराजी संख्या 131 और 20 जून 2010 को आराजी संख्या 108 में भूमि आवंटित की गई है। जबकि उस समय उक्त व्यक्ति शिक्षक के पद पर कार्यरत था। ऐसे में उक्त व्यक्ति को जमीन देना अनैतिक है। उक्त व्यक्ति के परिवार में दिए गए पट्टों की शिकायत कई बार मेरे द्वारा डीएम और एसडीएम से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बल्कि हमसे कहा जाता है कि दिवानी वाद दाखिल करके अनुतोष प्राप्त करें। वहीं 20 जून 2010 को जो पट्टा उक्त व्यक्ति को दिया गया था वह तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो की आधार पर दिया गया था। उसके प्रस्ताव में फर्जी हस्ताक्षर स्वयं लेखपाल द्वारा किए गए थे। जबकि उस दिन पंचायत स्तर पर कोई बैठक नहीं हुई थी। इसे निरस्त करने के लिए गांव के एक व्यक्ति दरा वाद दाखिल किया गया। जो जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में लंबित है। जिसे वापस लेने के लिए उक्त व्यक्ति द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में उक्त व्यक्ति की शिकायत के हर बिंदू पर जांचकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई करें।