आजमगढ़। बिजली विभाग में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए नई ट्रांसफर-पोस्टिंग की नीति निर्धारित की गई है। नई नीति के तहत जिले में तैनात सैकड़ों बिजली कर्मियों का इधर से उधर स्थानांतरण होगा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा ट्रांसफर पोस्टिंग नीति जारी किए जाने के बाद कर्मियों में हड़कंप मच गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही नई नीति के तहत स्थानांतरण व पोस्टिंग की कवायद शुरू हो जायेगी।
शासन ने बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए जो तबादला नीति जारी की है उसके अनुसार जिले में तैनात काफी संख्या में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता के साथ ही लिपिकों व बाबू का स्थानांतरण होना है। बिजली वितरण के सभी छह खंडों में एक-एक अधिशासी अभियंता तैनात हैं। तीन से चार सहायक अभियंताओं की तैनाती है। इसके साथ ही 35 से अधिक अवर अभियंता तैनात हैं। लिपिकों व बाबुओं की संख्या लगभग 100 में है। नई तबादला नीति के अनुरूप किसी जिले में 15 वर्षों से तैनात अधिशासी व सहायक अभियंताओं को दूसरी कंपनियों में स्थानांतरित किया जायेगा। वहीं तीन साल से जमे अवर अभियंताओं का स्थानांतरण दूसरे जिले या मंडल में किया जायेगा। छह साल से एक ही स्थान पर तैनात लिपिकों का स्थानांतरण मंडल के बाहर तो दस वर्ष से एक ही जिले में तैनात बाबुओं को दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जायेगा। नये तबादला नीति के तहत अधिकारियों व कर्मचारियों के तैनाती की जांच शुरू हो चुकी है। जल्द ही इन्हें नये मापदंड के अनुरूप स्थानांतरित करने की कवायद शुरू होगी।
शासन ने बिजली विभाग के लिए नई तबादला नीति जारी कर दी है। जैसा निर्देश आयेगा वैसी कवायद विभाग करेगा। जो भी नये तबादला नीति के अंतर्गत आयेगा उसका स्थानांतरण होगा। - अरविंद कुमार सिंह, एक्सईएन, वितरण खंड प्रथम, आजमगढ़।