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अखिलेश ने हासिल किए 60.4 फीसदी और संगीता ने 54.01

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आजमगढ़। जनपद में आजमगढ़ लोकसभा में 57.50 और लालगंज में 54.79 फीसदी मतदान हुआ था। इसमें अखिलेश 60.4 फीसदी मत और संगीता आजाद ने 54.01 फीसदी मत हासिल कर जीत हासिल की है। भाजपा ने मतगणना से चुनाव से पहले 51 फीसदी मत हासिल करने का लक्ष्य बनाया था, लेकिन उनका ये फार्मूला धरातल पर नहीं उतर पाया। गठबंधन ने न सिर्फ अपने वोटरों को सहेजा बल्कि सत्ताधारी दल के वोटरों में सेंध भी लगाई। आजमगढ़ में दिनेश लाल निरहुआ को 35.15 फीसदी और लालगंज में नीलम सोनकर 37.19 फीसदी मत मिले।
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प्रदेश में सपा और बसपा के गठबंधन के रूप में दो शक्तियों के एक होने पर दोनों के मजबूत वोट बैंक भी एक साथ हुए थे। इस गठबंधन से पार पाने के लिए भाजपा ने सभी सीटों पर 50 फीसदी से ज्यादा मत हासिल करने का फार्मूला बनाया था। वर्ष 2014 में आजमगढ़ लोकसभा सीट से सपा ने 35.43 फीसदी और बसपा ने 27.75 फीसदी मत हासिल किए थे। गठबंधन की दशा में उनके लिए 63 फीसदी वोट हासिल करना चुनौती थी। इसके लिए सपा की रणनीति भी साइलेंट तरीके से जारी रही। बिना हो-हल्ला के जमीनी स्तर वो अपने वोटों को कसते रहे। रानी की सराय में हुई गठबंधन की महारैली में बसपा सुप्रीमो ने समर्थकों से ये कहकर कि मैं स्वयं यहां से चुनाव लड़ रही हूं, इसे और मजबूत कर दिया। अपनी रणनीति के तहत गठबंधन यहां से 60 फीसद से ज्यादा मतों को सहेजने में सफल रहा। वहीं वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में लालगंज (अजा) सीट पर सपा को 29.01 और बसपा को 26.01 फीसद मत मिले थे। गठबंधन को यहां भी 55 फीसद मतों को सहेजने की चुनौती थी। संगीता आजाद ने भी यहां से 54.01 फीसद मत हासिल कर इसमें कामयाबी हासिल की। माना जा रहा है कि सपा-बसपा गठबंधन ने न सिर्फ अपने परंपरागत मतों को सहेजा बल्कि सत्ताधारी दल के मतों में भी जमकर सेंध लगाई।
धरातल पर नहीं दिखा 50 फीसदी से ज्यादा मतों का फार्मूला
आजमगढ़। गठबंधन की काट के लिए भाजपा हाईकमान की ओर से प्रत्येक सीट पर 50 फीसदी से ज्यादा मत हासिल करने की योजना बनाई गई। इसके लिए चुनाव की घोषणा से काफी पहले से ही संगठन को सक्रिय कर कई कार्यक्रम किए। इसकी बाकायदा एक लंबी श्रृंखला भी चलाई गई थी। 23 मई को मतगणना के बाद परिणाम आए तो आजमगढ़ सीट पर भाजपा ने 35.15 और लालगंज सीट पर 37.19 फीसद मतों को हासिल करने में ही सफलता पाई। हालांकि ये वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव से ज्यादा है, लेकिन लक्ष्य से काफी दूर रह गया। 2014 में आजमगढ़ सीट पर भाजपा को 28.35 फीसद वोट मिले थे। पार्टी दूसरे नंबर पर थी। वहीं लालगंज में 36.02 फीसद मतों से नीलम सोनकर सांसद बनी थीं। नतीजों ने एक बात स्पष्ट कर दी है। चुनाव पूर्व संगठन की ओर से की गई तैयारियां भी हवा में रही। इसकी पुष्टी इस बात से भी होती है कि जनपद की दोनों सीटों पर सपा-बसपा के परंपरा वोट 48 से 49 फीसद ही है। इसके बाद भी पार्टी ने इससे 10 फीसदी ज्यादा मत हासिल किए हैं।
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मुलायम को भी मिले थे मात्र 35.43 प्रतिशत वोट
आजमगढ़। 2014 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ सीट से चुनाव लड़ कर तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने इस सीट को वीवीआईपी की कैटेगरी में खड़ा कर दिया था। मुलायम सिंह यादव ने कड़े मुकाबले में जीत तो दर्ज कर ली थी, लेकिन उन्हें भी जिले में मात्र 35.43 प्रतिशत ही मत प्राप्त हुए थे। अखिलेश ने इस सीट से 60.4 फीसदी मत हासिल किए हैं।
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