आजमगढ़। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ की सफाई व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई है। 17 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व सड़क की पटरियों से कूड़ा उठाने का ठेका लेने वाले कंपनी के सफाई कर्मचारी वेतन न मिलने के चलते हड़ताल पर चले गये हैं। इसके चलते शहर की सड़कों पर जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया है। कुछ स्थानों से नपा ने अपने कर्मचारियों से कूड़ा उठवाया, इसके बाद भी 17 वार्डों में कूड़े का अंबार लगा है।
नगर पालिका प्रशासन शहर के 25 वार्डों को दो भागों में बांट कर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन व सड़कों से कूड़ा उठाने का ठेका दो अलग-अलग कंपनियों को दिया है। इसमें 17 वार्ड का ठेका ग्वालियर की एसआरएमपी कंपनी को दिया गया है। अनुबंध के अनुसार संसाधन नपा को उपलब्ध कराना है और मैन पावर के साथ ही वाहनों के डीजल आदि कंपनी का होगा। कंपनी को 1350 रुपये प्रति टन कूड़े की दर से भुगतान किया जाता है। कंपनी को काम करते हुए पांच माह का समय हो चुका है लेकिन अब तक कायदे से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं शुरू हो सका है। शुरूआत के दो माह दिसंबर व जनवरी में डोर टू डोर का कोई काम नहीं हुआ था, जिसके चलते इन दोनों माह का भुगतान अब तक रुका है। फरवरी मार्च का भुगतान हुआ तो अप्रैल का भुगतान फिर लटक गया जिसके चलते कंपनी अपने सफाई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं कर सकी है। शनिवार से ही कंपनी के सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गये जिससे शहर में जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया। दो दिनों से कूड़ा न उठाये जाने के चलते शहर की स्थिति नारकीय हो गई है। सोमवार को कुछ चुनिंदा स्थानों से नपा ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से कुछ कूड़ा उठाया। लेकिन सफाई व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
एक दूसरे पर दोषारोपण, शहरवासी हो रहे परेशान
शहर की सफाई व्यवस्था चौपट होने के पीछे नपा व ग्वालियर की कंपनी एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। चेयरमैन प्रतिनिधि प्रणीत श्रीवास्तव हनी का कहना है कि कंपनी के लोग अब तक डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की शुरूआत ठीक ढंग से नहीं कर सके हैं। चुनाव में व्यस्तता और ईओ के छुट्टी पर जाने से अप्रैल माह का भुगतान नहीं हो सका है। कंपनी को भुगतान का आश्वासन दिया गया, बावजूद उन्होंने काम बंद कर दिया। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक पांडेय का कहना है कि नपा प्रशासन अनुबंध के अनुरूप संसाधन नहीं उपलब्ध करा रहा है जिसके चलते ही समस्या है। एक सप्ताह से गाड़ियों को मतगणना स्थलों पर भेज दिया जा रहा था, जिसके चलते दिक्कत हुई है।
घाटे में काम करने का दावा कर रही कंपनी
कंपनी का दावा है कि नपा द्वारा संसाधन न उपलब्ध कराने के चलते फिलहाल वह घाटे में काम कर रही है। दिसंबर जनवरी का भुगतान नहीं हुआ है। अब अप्रैल माह का भुगतान फंसा हुआ है। मार्च में 1350 रुपये प्रति टन की दर से कुल 13 लाख रुपये की बिलिंग हुई थी, जिसका नपा ने भुगतान किया और इस माह का खर्च साढ़े तेरह लाख निकला।
जहां तक संसाधन की बात है तो वर्तमान में मौजूद संसाधन कंपनी को प्रयोग के लिए दिए जा चुके हैं अन्य संसाधनों के खरीद के लिए आर्डर ऑनलाइन किया जा चुका है। शहर में सफाई की समस्या का प्रमुख कारण कंपनी ही है। गर्मी के मौसम में कूड़ा उठाना कंपनी द्वारा बंद कर देना कहीं से भी उचित नहीं है। इसके लिए कंपनी को नोटिस दे दी गई है। जल्द सुधार न होने पर कंपनी का कांट्रेक्ट भी समाप्त किया जा सकता है। - प्रणीत श्रीवास्तव, चेयरमैन प्रतिनिधि, नपा आजमगढ़।