आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक विधानसभा में विकास के लिए पांच करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की थी। चुनावी साल में जनपद में भाजपा के खाते वाली एक मात्र विधानसभा फूलपुर-पवई में लगभग सात किमी लंबे 20 इंटरलाकिंग मार्गों के लिए पांच करोड़ रुपये जारी किए हैं वहीं, अन्य नौ विधानसभा के लॉलीपाप आया है। बता दें जिले में सिर्फ इसी विस सीट पर भाजपा का क ब्जा है। सपा और बसपा विधायकों के लिए धनराशि जारी नहीं होने पर प्रदेश सरकार की नीयत पर सवाल उठाए गए हैं।
गत वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये की विकास निधि देने की घोषणा की थी। विधानसभा में इसकी घोषणा संसदीय कार्य व नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने की थी तो सपा के उज्जवल रमण और संजय गर्ग ने कहा था कि निधि देने में किसी तरह का दलीय भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। इसपर खन्ना ने कहा था कि विधायक निधि की शुरुआत कल्याण सिंह ने की थी। भाजपा किसी तरह का भेदभाव नहीं करती है।
जनपद में भाजपा के सिर्फ एक विधायक फूलपुर-पवई विधानसभा से अरुणकांत यादव हैं। इस विधानसभा के लिए शासन की ओर से पांच करोड़ की धनराशि जारी की गई है। इस धनराशि से हाजीपुर, भारचटिया, समरदान, हेवती, भरमा, खेरुद्दीनपुर, कटेहरी, फत्तनपुर, फदगुगिया, मझौरा, रामापुर, मुतकल्लीपुर, हमीरपुर, सुल्तानपुर, सौदमा, गद्दोपुरस, बसही, पिपरी, इब्राहिमपुर-आलमपुर में पांच करोड़ की धनराशि से 7.051 किमी लंबी 20 इंटरलाकिंग सड़कें बनाई जाएगी। वहीं अन्य विस के लिए कोई धनराशि जारी नहीं की गई है।
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भाजपा के पास नैतिकता नहीं : हवलदार
आजमगढ़। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि सात किमी सड़कें बनाने की योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की थी। सपा सरकार में सभी विधायकों को ये धनराशि जारी की गई थी। भाजपा सरकार ने इस योजना के लाभ के लिए शर्त रखी थी कि स्थानीय भाजपा सांसद या जिलाध्यक्ष से प्रमाणित कार्ययोजना भेजने पर ही मंजूर किया जाएगा। सपा के निजामाबाद के विध्यक आलमबदी ने कार्ययोजना भेजी भी, लेकिन इसे मंजूर नहीं किया गया। इस सरकार के पास नैतिकता नहीं है। इनकी कथनी और करनी में अंतर है। इसलिए ये जमलेबाजों की सरकार है। निधि सभी विधायकों को मिलनी चाहिए थी।
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एक विधानसभा के लिए जनता के साथ धोखा : अरविंद
आजमगढ़। बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार गौतम ने कहा कि 10 विधानसभा वाले जिले में मात्र एक विधायक को पांच करोड़ की निधि जारी करना गलत है। सभी विधयाकों को समान रूप से निधि जारी की जानी चाहिए थी। निधि से किसी विधायक का नहीं क्षेत्र और जनता का विकास होना है, फिर जनता और विकास के साथ भेदभाव कर कौन सा संदेश दिया जा रहा है। बसपा का इसका विरोध करती है। पार्टी के किसी विधायक ने कार्ययोजना भेजी थी कि नहीं इसकी जानकारी नहीं है।