मेंहनगर। सूची में नाम अंकित होने के बाद भी राशन न मिलने के विरोध में मंगलवार को भीटी के ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन किया। ज्ञापन सौंप मामले की जांच कराकर राशन दिलाने की मांग की।
मेंहनगर तहसील के भीटी ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि उनका कार्ड बना है। लेकिन उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कोटेदार पर राशन बाजार में बेचने का आरऱेप लगाया। एसडीएम को ज्ञापान सौंप पूरे मामले की जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उधर उपजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्यवाही करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। प्रदर्शन करने वालों में सुमित्रा, खरापत्ती, राधिका, कुसुम, प्रमिला, रामाश्रय, हरिश्चंद आदि मौजूद रहे।
कोटेदार के विरोध में तहसील पर प्रदर्शन
सगड़ी। कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता बरतने और पात्रता सूची की जांच करने की मांग को लेकर मंगलवार को जीयनपुर नगर पंचायत के समता नगर, कुरैश नगर, नौसहरा आदि वार्डो के कार्ड धारकों ने तहसील पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन सौंपकर पात्रता सूची की जांच करने और कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
नगरवासियों का आरोप है कि पात्रता सूची में अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से अपात्रों के नाम अंकित कर दिए गए है। लेकिन पात्रों को ना तो पात्रता सूची में डाला गया और ना ही खाद्यान दिया जा रहा है। ऊपर से पूर्व में अंत्योदय, बीपीएल कार्ड धारक रहे हैं और पुरानी सूची में भी नाम दर्ज थे। लेकिन पात्रता सूची और अंत्योदय से नाम गायब कर दिया गया है। वार्डवासियों ने तहसीलदार सगड़ी को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार पीके राय ने पूर्ति कार्यालय के बाबू धर्मेंद्र को बुलाकर तत्काल राशन उपलब्ध कराने को कहा। खाद्यान नहीं दिया गया। ऊपर से लोगों ने कोटेदार के यहां भी जमकर हंगामा और बवाल काटा। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष खुरमुल्ली गुप्ता, गयासुद्दीन, शकुंतला, नरमी देवी, अनवारी देवी, रेहाना, शाहिदा बेगम, अफसाना ,रुबी खातून ,कुसुम ,शबनम, रफीक आदि लोग मौजूद थे।
कोटेदार के विरोध में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मेजवां। मंगलवार को फूलपुर ब्लाक के समुंद्रपुर के ग्रामीणों ने तहसील पहुंच एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। कोटे की दूकान निलंबित करने की मांग की। उधर एसडीएम के न रहने की सूचना पर ग्रामीण वहीं बैठ गए और कहा कि जब तक साहब नहीं आएंगे वे नहीं जाएंगे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोटेदार द्वारा 12 माह से राशन का वितरण सही रुप से नही किया जा रहा है। गांव में अंत्योदय के 31 कार्ड धारक हैं, जिसमें 29 कार्ड धारकों को कभी कभार राशन दिया जाता है। वह भी मानक के अनुसार। जबकि राशन कार्ड पर हर माह का वितरण अंकित कर दिया जाता है। यही नहीं 86 पात्र गृहस्थी के कार्डधारक है, उन्हें कई सालों से राशन नहीं मिला है। 12 सितंबर को एसडीएम फुलपुर को प्रार्थना-पत्र दिया गया था। लेकिन अब तक कोई कार्यवाई नही हुई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है वे शांत नहीं बैठेंगे। उधर उपजिलाधिकारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराया जाएगा। यदि कोटेदार दोषी मिला तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के साथ कोटा निरस्त किया जाएगा।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ दूकान का चयन
अंबारी। फुलपुर तहसील के मकसूदिया में जिलाधिकारी द्वारा गठित त्रिस्तरीय समिति के माध्यम से मंगलवार को सरकारी गल्ले की दूकान का चयन गहमा-गहमी के बीच हुआ। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस तैनात रही। मकसूदिया में सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान चयन कराने के लिए तीन बार प्रयास किया गया। लेकिन चयन न पाने के कारण डीएम ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। जिसमें तहसीलदार जंगबहादुर यादव, खंड विकास अधिकारी पवई लालजी पटेल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत बृजमोहन राम शामिल थे। मंगलवार को उपजिलाधिकारी दिनेश चंद गुप्ता एवं सीओ फूलपुर संतोष सिंह की देख-रेख में सस्ते गल्ले की दूकान का चयन किया गया। सस्ते गल्ले की दूकान के लिए दो प्रत्याशी मैदान में रहे। प्रधान पक्ष से गुड़िया पत्नी सुनील कुमार को 357 जबकि राधिका चौहान के पक्ष से दूसरे स्थान पर सितारा देवी पत्नी तेजबहादुर चौहान को 333 लोगों ने समर्थन दिया।