अहरौला। दीवानी न्यायालय में मुकदमे की पैरवी करने गया युवक लापता हो गया। परिवार के लोग कार्रवाई के लिए थाना, सीओ दफ्तर, एसपी दफ्तर का चक्कर लगाने के बाद शुक्रवार को बूढनपुर तहसील में जिले के प्रभारी प्रमुख सचिव उर्जा से मिलकर गुहार लगाई। पीड़ितों की शिकायत पर प्रमुख सचिव से गुहार लगाए और बताया कि कोई शिकायती पत्र तक नहीं ले रहा। इस प्रमुख सचिव ने एसओ अहरौला और सीओ बूढनपुर को फटकार लगाते हुए केस दर्ज करने और लापता युवक का पता लगाने का निर्देश दिया।
लापता युवक अहरौला थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वर्ष 2015 में गांव के एक युवक उसकी पत्नी के साथ बलात्कार किया। मामले की सुनवाई इन दिनों दीवानी न्यायालय में चल रही है। 20 सितंबर को इस मुकदमे में महिला का डाक्टरी मुआयना करने वाली महिला डाक्टर का बयान होना था। इसलिए युवक भी तारिख पर आया हुआ था। बुधवार को युवक लापता हो गया। 21 सितंबर को अहरौला थाने पर तहरीर देने पहुंचे तो थानाध्यक्ष ने डांटकर भगा दिया। ऐसा ही कुछ जवाब सीओ बूढनपुर के दफ्तर से भी मिला। 22 सितंबर की सुबह घर के लोग एसपी दफ्तर पहुंचे। एसपी के न मिलने पर डीएम से मिलकर गुहार लगाई। डीएम ने कार्रवाई का आदेश दिया। इसी बीच प्रमुख सचिव उर्जा के बूढनपुर तहसील में आने की सूचना पर पीड़ित वहां पहुंच गए और प्रमुख सचिव से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाई। प्रमुख सचिव ने एसओ और सीओ को फटकार लगाते हुए केस दर्ज कर युवक का पता लगाने का निर्देश दिया।
अतरौलिया संवाददाता के अनुसार जिले के नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव उर्जा आलोक कुमार प्रथम का शुक्रवार को जनपद में आगमन हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रास्ते में अतरौलिया सर्किट हाउस पहुंचे। जहां भाजपा नेता रमेश सिंह रामू ने उन्हें बिजली की दुर्व्यवस्था से अवगत कराते हुए मांगों का ज्ञापन सौंपा।
भाजपा ने प्रमुख सचिव को बताया कि अतरौलिया में विद्युत पोल और तार जर्जर हो चुके हैं। जो अक्सर टूटकर गिरते रहते हैं जिससे हमेशा दुर्घटना होने का भय बना रहता है। इस पर प्रमुख सचिव ऊर्जा ने बिजली विभाग के एक्सईएन और एसडीओ को जर्जर हो चुके विद्युत पोल और विद्युत तारों को बदलने का निर्देश दिया। उन्होंने एक्सईएन और एसडीओ को अवैध रूप से बिजली जला रहे कटिया धारकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, अधीक्षण अभियंता डीके सिंह, अधिशासी अभियंता अजय कृष्ण गुप्ता, उप जिलाधिकारी बूढनपुर इंद्रभान तिवारी, क्षेत्राधिकारी सगड़ी सुधाकर सिंह, एसडीओ चंद्रेश उपाध्याय आदि उपस्थित थे।