निजामाबाद (आजमगढ़)। निजामाबाद तहसील के अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी पर तहसील में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। बाद में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर न्यायिक कार्यो से विरत रहने का निर्णय लिया। वकीलों ने कहा कि जब तक एसडीएम को स्थनांतरण नहीं हो जाता आंदोलन जारी रहेगा।
दी तहसील बार एसोसिएशन निजामाबाद के अधिवक्ताओं की बैठक शुक्रवार को पुस्तकालय कक्ष में काली प्रसाद राय एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई। काली प्रसाद राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि उपजिलाधिकारी का अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं फरियादियों के प्रति रवैया शासन की मंशा के अनुरुप नहीं है। जिसके चलते अभी विगत दिनों पहले जिलाधिकारी के सामने एक फरियादी को उपजिलाधिकारी ने थप्पड़ जड़ दिया था। जिसके विरोध में पूरे तहसील में जगह विरोध-प्रदर्शन भी हुआ। उन्होंने कहा कि तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय का दो दिवसीय बहिष्कार 18 और 19 तक रहेगा 23 अगस्त को तहसील के अधिवक्ता निजामाबाद तहसील में धरना देंगे। उन्होंने कहा कि यदि उपजिलाधिकारी निजामाबाद का स्थानांतरण नहीं होता है तो आंदोलन जारी रहेगा। वकीलों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अनिश्चितकाल तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। धरने में मंत्री ओंकारनाथ यादव, चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, अवधेश कुमार यादव, राजेंद्र प्रसाद, अनिल कुमार प्रजापति, योगेंद्र प्रसाद यादव, मुरली मौर्य, सत्येंद्रनाथ राय, महेंद्र प्रताप पांडेय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।