नागपंचमी पर श्री जगदीश जी हनुमान दल अखाड़ा पुरानी कोतवाली का शस्त्र पूजन शुक्रवार की शाम को चौक स्थित देवी मंदिर में संपन्न हुआ। इसके पूर्व जुलूस निकाल शस्त्रों का प्रदर्शन किया।
चौक स्थित देवी मंदिर में धूमधाम से अखाड़े के कार्यकर्ता जयघोष करते हुए पहुंचे। सबसे आगे महावीरी झंडा और बैंडबाजों के साथ अखाड़े में प्रयोग होने वाले प्राचीन अस्त्र-शस्त्र और थालों में सजे प्रसाद लेकर पूरे उत्साह के साथ देवी मंदिर में हवन-पूजा के बाद शस्त्र पूजन किया गया। अखाड़े के प्रबंधक विभाष सिन्हा ने बताया कि यह जनपद की प्राचीन परंपरा है।
इसके साथ ही अखाड़े के कलाकार विजयादशमी पर होने वाले अखाड़ों के मुकाबले की तैयारी शुरू हो जाएगी। इस दौरान बाना, बनेठी, गत्ताफरी, सच्चा बाना, पटा, तलवार, ढाल, गड़ासे जैसे शस्त्रों का अभ्यास करेंगे। इसका प्रदर्शन नवरात्र से प्रारंभ हो जाता है। मुख्य मुकाबला शहर में निकलने वाले एक अन्य अखाड़े के साथ विजयादशमी के दिन संपन्न होता है। शस्त्र पूजन के अवसर पर पन्नालाल, श्रीचंद्र, सुरेश जायसवाल, संतोष नेता, जयप्रकाश, अशोक, भोला सेठ, राजीव कुमार, रामप्रसाद, श्रवण कुमार, सुरेश केशरी, संतोष जायसवाल, राजेश, आलोक, राजू, मुन्ना, मिंटू आदि उपस्थित थे।
कलाकारों ने प्रस्तुतियों से दिल जीत
मां पाल्हमेश्वरी धाम के मैदान में शुक्रवार की शाम कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। अंत में विजेता कलाकार को पुरस्कृत किया गया।
कजरी महोत्सव में पांच टीमों ने भाग लिया। 30 मिनट के दो राउंड कजरी का मुकाबला संपन्न हुआ। देर रात तक कजरी, पचरा चलता रहा। इस दौरान विजय राजभर ने निबिया की डरिया मैया डाली नी झूलूववा से लोगों का दिल जीत लिया। इसी क्रम में महेंद्र यादव ने आधी रात समय तुलसीदास चललन ससुररिया ना से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगितामें कैलाश यादव की टीम विजयी रही। लालगंज के विधायक आजाद अरिमर्दन व रामानुज सिंह जिला पंचायत सदस्य लहुआं कला ने झंडा देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. चंद्रदीप यादव ने किया। संचालन प्रधान लहुआ खुर्द छेदी यादव ने किया। इस मौके पर सुनिल सरोज, निर्मल यादव, सुदामा मिश्र, शिव प्रसाद सेठ, अशोक यादव, प्यारे राम, कैलाश यादव, डा. दिनेश राम, जियालाल आदि मौजूद रहे।