आजमगढ़। दो दिन पूर्व सगड़ी तहसील के देवारा क्षेत्र में लगी आग में पूरा गांव तबाह हो गया। इसमें दो बच्चों समेत कई पशुओं की मौत हो गई। घर जलने के बाद पूरा गांव टेंट में रहने को विवश है। इन परिवारों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से शासन को पत्र भेजा है। जिसमें शासन से 15 लाख रुपये की मांग की है।
अपर मुख्य सचिव राजस्व अनुभाग-11 को भेजे पत्र में डीएम ने कहा है कि तहसीलदार सगड़ी ने अपनी आख्या में बताया है कि 11 अप्रैल की दोपहर को अज्ञात कारणों से सगड़ी तहसील के नौबरार देवारा जदीद किता प्रथम के रतन का पुरवा में रामचरण की झोपड़ी में आग लग गई। तेज हवा के कारण रतन का पुरवा में लगभग 50 आवासीय झोपड़ियां और उनमें रखे घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए।
इस घटना में मुस्कान पुत्री राकेश और अवनीश पुत्र राकेश की मौत हो गई तथा 13 बकरियां, तीन सूअर, दो गायों की जलने से मौत हो गई। वहीं रतन का पुरवा के ही यादव बस्ती गब्बू का पुरवा तक यह आग फैल गई। जिसके कारण इस पुरवे में भी28 आवासीय झोपड़ियां और घरेेलू सामान जलकर नष्ट हो गए। इसमें अदालत पुत्र कतवारू, सुमित्रा पत्नी चंद्रभन झुलस गए। जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज में चल रहा है। इस अग्निकांड में प्रभावित 78 परिवारों को कुल 15 लाख 24 हजार 200 रुपये की सहायता प्रदान की जानी है। डीएम ने इसके लिए 15 लाख रुपये तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।