आजमगढ़। वेदांता कांड के बाद डीएम ने मंडलीय अस्पताल प्रशासन को परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस न खड़ा होने देने का फरमान किया है। शुक्रवार को पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर में पहुंच कर प्राइवेट एंबुलेंस से खाली करा दिया। अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंसों का हमेशा ही जमावड़ा रहता था। अक्सर ही कमीशन के लिए रेफर मरीज को अपने चहेते अस्पताल में ले जाने के लिए ये आपस में भिड़ भी जाते थे। ऐसे ही जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर होने के बाद प्राइवेट एंबुलेंस के जरिए वेदांता अस्पताल पहुंचे अतरौलिया निवासी रामकेश सोनी की मौत हो गई और इस मामले ने तूल पकड़ लिया। डीएम शिवाकांत द्विवेदी के समक्ष स्वयंसेवी संगठनों प्राइवेट एंबुलेंसों के मामले की शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को परिसर से प्राइवेट एंबुलेंसों को तत्काल हटवाने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को बलरामपुर चौकी पुलिस ने अस्पताल परिसर में खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस को बाहर खदेड़ दिया। इस दौरान इन प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों को अस्पताल परिसर में न घुसने की चेतावनी भी दी गई। सीएमओ डॉ. श्री कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों को अस्पताल में न घुसने का सख्त निर्देश दे दिया गया है। इसके साथ ही इन प्राइवेट एंबुलेंस चालकों और अस्पताल कर्मियों से इनकी सांठ-गांठ पर नजर रखने के लिए परिसर में आधा दर्जन भर सादी वर्दी में पुलिस कर्मियों की तैनाती भी कराई जा रही है।
तीन सदस्यी कमेटी करेगी मामले की जांच
आजमगढ़। वेदांता अस्पताल के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने तीन सदस्यी कमेटी बनाई है जो तीन दिनों में रिपोर्ट देगी।
शहर के लक्षिरामपुर स्थित वेदांता अस्पताल पर 22 जून को अतरौलिया निवासी रामकेश सोनी की मौत पर जमकर हंगामा हुआ था। परिजन जहां रामकेश के शव को आईसीयू में रखकर इलाज करने का आरोप लगा रहे थे तो वहीं अस्पताल कर्मियों पर भी मारपीट करने की भी बात कही गई। मृतक के परिजनों के समर्थन में कई संगठन सड़क पर उतर आए तो डीएम के निर्देश पर गुरुवार को डॉ. शिशिर जायसवाल समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए डॉ. परवेज अख्तर, डॉ. वाईके राय और डॉ. ओमप्रकाश की तीन सदस्यीय टीम बनाई है। टीम को मरीज के मौत के बाद भी शव को आईसीयू में रख कर इलाज करने के आरोप की खास तौर से जांच करने को कहा गया है।
आईएमए ने भी प्रकरण की जांच के लिए बनाई टीम
आजमगढ़। डीएम के आदेश पर वेदांता अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद समर्थन में उतरी आईएमए भी नरम पड़ गई है। संगठन ने अब खुद के सीनियर डॉक्टरों की टीम द्वारा प्रकरण की जांच कराने की बात कही है। शुक्रवार को आईएमए भवन पर हुई आईएमए की बैठक में डॉ. शिशिर जायसवाल के वेदांता अस्पताल पर लगे आरोपों पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि संगठन सीएमओ से पूरे प्रकरण की जांच मेडिकल बोर्ड का गठन कर कराने की मांग करेगा। इसके साथ ही संगठन के सीनियर डॉक्टरों की भी एक टीम बनेगी जो अपने स्तर से मामले की जांच करेगी। आईएमए अध्यक्ष डॉ. स्वास्ति सिंह ने कहा कि संगठन जनता की संवेदना के प्रति सचेत और अपने कर्तव्यों को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संगठन के सीनियर डॉक्टरों की टीम वेदांता ही नहीं हर प्राइवेट अस्पताल की व्यवस्था का हाल लेगी और जहां कहीं भी कमियां पाई जायेगी वहां संगठन की ओर से कार्रवाई भी होगी। इसके साथ ही बैठक में वेदांत प्रकरण पर आंदोलित सामाजिक संगठनों से जांच होने तक संयम बरतने की अपील भी की गई। इस अवसर पर आईएमए सचिव डॉ. अर्चना मैसी, डॉ. सुबाष सिंह, डॉ एके सिंह आदि डॉक्टर मौजूद रहे।