आजमगढ़। कमिश्नर के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी ने पल्हनी ब्लाक के खोजापुर माधोपट्टी में लोहिया आवासों की जांच कराई। जांच में तीन लाभार्थियों के अपात्र पाए जाने पर उनके खिलाफ आवंटन निरस्त कर रिकवरी की कार्रवाई करने और सेक्रेटरी को निलंबित करने की आदेश हुए थे। इस बीच मना करने पर भी परियोजना निदेशक ने अपात्रों से ही शिकायत पत्र लेकर बीडीओ से जांच कराई और उन्हें पात्र बताी दिया। प्रकठरण को उलझाने और कार्रवाई में अड़ंगा डालने पर मुख्य विकास अधिकारी ने पिरयोजना निदेश और बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की संतुति कमिश्नर से की है।
पल्हनी ब्लाक के खोजापुर माधोपट्टी निवासी राजनारायण यादव पुत्र चंद्रदेव ने 24 अप्रैल 2017 को कमिश्नर से शिकायत की गांव में अपात्रों को लोहिया आवास दे दिए गए हैं। कमिश्नर के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने उप निदेशक कृषि और समाज कल्याण अधिकारी से मामले की जांच कराई थी। इस दौरान कलावती पत्नी बुद्धू, सरस्वती पत्नी राजेंद्र, शशिकला पत्नी राजा राम के अपात्र पाया गया था। तीन लोगों को पात्र पाया गया था। अपात्रों का आवंटन निरस्त कर उनसे रिकवरी की संतुति की गएई थी। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने 12 सितंबर को गांव के सेक्रेटरी नंद कुमार यादव को निलंबित करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए थे। बीडीओ देव कुमार से भी स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस बीच परियोजना निदेशक डीआरडीओ 15 सितंबर को मामले में फिर से बीडीओ से जांच शुरू करा दी। मना किया गया कि उच्च स्तरीय जांच हो चुकी है। इसके बाद भी अपात्रों से ही शिकायती पत्र लेकर 15 दिसंबर को बीडीओ रामरेखा यादव को जांच सौंप दी। बीडीओ ने अपनी जांच में 11 जनवरी को इन्हें पात्र बता दिया। सीडीओ अभिषेक सिंह ने प्रकरण को उलझाने और कार्रवाई में अड़ंगा डालने पर परियोजना निदेश और बीडीओ के खिलाफ काथर्रवाई की संतुति कमिश्नर से की है।
खोजापुर माधोपट्टी की जांच सीडीओ को सौंपी गई थी। सीडीओ की ओर से रिपोर्ट भेजी गई है। अभी रिपोर्ट मैंने देखी नहीं है। रिपोर्ट के निरीक्षण के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
के. रविंद्र नायक. कमिश्नर