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वितीय वर्ष में प्रस्तावित के सापेक्ष 39 प्रतिशत धन हुआ अवमुक्त

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आजमगढ़। अभी मार्च का महीना और वर्तमान वित्तीय वर्ष बीतने में लगभग डेढ़ माह का समय शेष है। लेकिन विभागों ने सरकार द्वारा आवंटित किए गए बजट को लगभग खत्म कर लिया है। वर्तमान में मात्र 89 हजार के करीब धन ही शेष बचा है। वहीं आवंटित धनराशि की स्थिति देखें तो प्रस्तावित बजट का सरकार ने मात्र 39 प्रतिशत धन की अवमुक्त किया।
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वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जिला योजना की बैठक में लगभग 5.82 अरब की योजना बनी थी। इसमें से विभागों ने 42.37 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। इसमें से 89 हजार रुपये विभागों के पास शेष बचा है। शेष धन को विभाग खर्च कर चुके हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में कृषि विभाग के लिए 20 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित हुआ था। इसमें 19 लाख रुपये सरकार की ओर से आवंटित हुए। गन्ना विभाग के लिए 26 लाख 68 हजार रुपये प्रस्तावित हुए जिसके सापेक्ष 11 लाख 80 हजार रुपये अवमुक्त हुए। लघु और सीमांत कृषकों की सहायता के लिए एक करोड़ 80 लाख रुपये प्रस्तावित हुए जिसमें 79 लाख 75हजार रुपये अवमुक्त हुए। पशुपालन के लिए एक करोड़ 77 लाख रुपये प्रस्तावित हुए जिसमें से 59 लाख 26 हजार रुपये अवमुक्त हुए। दुग्ध विकास के लिए एक करोड़ 65 हजार रुपये प्रस्तावित हुए और 20 लाख 86 हजार रुपये अवमुक्त हुए। वन विभाग को दो करोड़ 65 हजार रुपये प्रस्तावित हुए। जिसमें 52लाख12 हजार रुपये अवमुक्त हुए। ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम के लिए 11 करोड़ 53 लाख 83 हजार रुपये प्रस्तावित हुए जिसमें 8 करोड़ 16 लाख 16 हजार रुपये अवमुक्त हुए। मनरेगा के लिए एक अरब 13 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित हुआ जिसमें 95 करोड़ 94 लाख रुपये अवमुक्त हुए। पंचायत राज विभाग को एक करोड़ 37 लाख 30 हजार रुपये का बजट प्रस्तावित हुआ जिसमें 52 लाख 38 हजार रुपये अवमुक्त, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के लिए एक लाख रुपये का बजट प्रस्तावित हुआ और एक लाख रुपये अवमुक्त भी हुए। प्राथमिक शिक्षा के लिए चार करोड़ 47 लाख 83 हजार रुपये प्रस्तावित हुए जिसमें से 79 लाख 13 हजार रुपये अवमुक्त हुए। प्रादेशिक विकास दल के लिए 27 लाख 50 हजार रुपये प्रस्तावित हुए लेकिन 40 हजार रुपये अवमुक्त हुए। ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के लिए 90 करोड़ 28 लाख 92 हजार रुपये का प्रस्ताव हुआ लेकिन 24 करोड़ 90 लाख 61 हजार रुपये ही अवमुक्त हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक अरब 58 करोड़ 85 लाख 60 हजार रुपये प्रस्तावित हुए और 81 करोड़ 48 लाख 10 हजार रुपये अवमुक्त हुए। सेवायोजन विभाग को एक लाख 56 हजार रुपये प्रस्तावित हुए जिसमें 74 हजार रुपये अवमुक्त हुए। दिव्यांगजन विकास के लिए एक करोड़ 40 लाख 40 हजार रुपये प्रस्तावित हुए और 11 करोड़ 15 लाख एक हजार रुपये अवमुक्त हुए। भूमि विकास और जल संसाधन के लिए एक करोड़ 51 लाख 76 हजार रुपये प्रस्तावित हुए और एक करोड़ 51 लाख 22 हजार रुपये अवमुक्त हुए। सड़क एवं पुल के लिए 83 करोड़ 74 लाख एक हजार करोड़ का बजट प्रस्तावित हुआ जिसमें 27 करोड़ 43 लाख तीन हजार रुपये अवमुक्त ह़ुए। जिला योजना की बैठक में कई विभागों के लिए बजट तो प्रस्तावित था लेकिन सरकार ने कोई धन अवमुक्त नहीं किया।

इन विभागों को नहीं मिला धन
आजमगढ़। बाल विकास एंव पुष्टाहार, महिला कल्याण, समाज कल्याण, शिल्पकार प्रशिक्षण, समाज कल्याण (सामान्य जाति), अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ी जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, ग्रामीण पेयजल संपूर्ति, नगरीय पेयजल संपूर्ति, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, परिवार कल्याण, एलोपैथिक, खेलकूद, प्रावैधिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन, विज्ञान एवं पाद्यौगिकी, रेशम उद्योग, वैकल्पिक उर्जा, राजकीय लघु सिंचाई, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, सहकारिता विभाग, मत्स्य विभाग और उद्यान विभाग।
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