लाटघाट। मुख्यमंत्री योगी के लाख चेतावनी के बावजूद सगड़ी तहसील क्षेत्र के रौनापार और जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में सफेद बालू का खनन नहीं रुक रहा। लोगों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से यहां बालू माफिया सक्रिय हैं। देर रात को ट्रैक्टर ट्राली और जेसीबी लेकर पहुंचते हैं और खनन कर चले जाते हैं। दिन में यह खेल बंद हो जाता है। अवैध खनन की मंगलवार को शिकायत मिलने पर डीएम चंद्रभूषण सिंह ने एसपी अजय कुमार साहनी से बात की। साथ ही खनन माफिया और दोषी पुलिसवालों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया।
सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के तराई वाले भाग में सफेद बालू खनिज संपदा के रुप में पाई जाती है। इस संपदा को स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से माफियातंत्र लूट रहा था। यहां रात में लोग ट्रैक्टर ट्राली और जेसीबी मशीन से बालू उठाकर ले जाते और अच्छे दामों पर बेच दिया करते थे। पूर्व की कई सरकारों ने भी खनन पर रोक लगाने का प्रयास किया। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद उन्होंने सभी तरह के खनन पर रोक लगा दिया। बावजूद इसके सीओ सगड़ी सर्किल के रौनापार थाना क्षेत्र के सुरैना, रामपुर, करखिया और जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के आसपुर, जम्मनपुर, लाटघाट, फत्तेपुर आदि गांव में धड़ल्ले से खनन हो रहा। स्थानीय पुलिसवालों को इसके बदले में अच्छीखासी रकम रिश्वत के रूप में मिल रही है।
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रौनापार थाना क्षेत्र के करखिया गांव में सफेद बालू का अवैध खनन किए जाने की सूचना मिलने पर हमने एसपी से बात किया। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। वह चाहे माफिया हों या थाने के अधिकारी, कर्मचारी हों। - चंद्रभूषण सिंह, डीएम