लालगंज। साथी अधिवक्ता और प्रधानपति के विरुद्ध देवगांव कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट से आक्रोशित तहसील के अधिवक्ताओं ने आरोपी लेखपाल और रजिस्टार कानूनगो के स्थानांतरण न होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लेते हुए शुक्रवार को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लालजी सिंह ने कहा कि लालगंज तहसील में तैनात लेखपाल और कानूनगो रिपोर्ट लगाने के नाम पर धनउगाही कर रहे हैं। जो रिश्वत नहीं देता है उसके विरुद्ध रिपोर्ट लगा दे रहे। इस प्रकार के एक दो नहीं बल्कि कई मामले अब तक हो चुके हैं। इसके अलावा विपक्षियों की मिली भगत से राजस्वकर्मी ग्राम समाज की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने की बजाय उस पर कब्जा करवा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई करने में आनाकानी कर रहे हैं। लालजी सिंह ने कहा कि जब तक इन भ्रष्ट कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं हो जाता। अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी रहेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता विध्यवासिनी राय ने आवंटन में मिली भूमि जो असंक्रमित है उसे संक्रमणीय करने की बात कही। बता दें कि मंगलवार को किसी फाइल देखने और दिखाने के विवाद में अधिवक्ता सत्यदेव यादव और रजिस्टार कानून गो कमलेश राय के बीच विवाद हो गया। इस संबंध में कमलेश राय ने सत्यदेव के विरुद्ध देवगांव कोतवाली में मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसी दिन गांव में हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए गांव के लेखपाल को कहा तो वह उनके साथ अभद्रता कर दिया। साथ ही प्रधानपति पैड़हा कुवंर बहादुर सिंह के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। लेखपाल और कानूनगो के समर्थन में लेखपाल सहित अन्य कर्मचारी उतरे और अधिकारियों के दफ्तरों में ताला बंद कर काम ठप कर दिया। अधिकारियों ने विवाद सुलझाने का प्रयास किया। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। राजस्वकर्मियों के काम न करने से नाराज अधिवक्ता वर्ग भी काम ठप कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस अवसर पर धर्मेश पाठक, राजेंद्र प्रसाद खन्ना, इंद्रभानु चौबे, राणा प्रताप सिंह, विजय प्रकाश पांडेय, संतोष राय, सुधीर श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।