ट्रक ने बीच में उतार दिया तो पैदल रोडवेज जाते प्रवासी।
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आजमगढ़। शासन के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों को प्राइवेट वाहनों के शोषण से बचाने और पैदल यात्रा रोकने के लिए जनपद में 14 पिकेट प्वाइंट और सात कलेक्शन प्वाइंट बनाए गए हैं। फिर भी प्रवासी श्रमिकों का ट्रकों और पैदल आना जारी है। अधिकारी इनके दूसरे रास्ते या गांव से होकर आने की बात कह अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
मजदूरों की परेशानी को देखते हुए सरकार की ओर से कड़ा निर्देश दिया गया है कि प्रवासी श्रमिक जहां भी दिखें उन्हें रोककर बसों के माध्यम से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। इस निर्देश के क्रम में जिला प्रशासन ने जनपद में 14 स्थानों पर पुलिस पिकेट प्वाइंट और सात कलेक्शन प्वाइंट का निर्माण कर लिया। जहां प्रतिदिन सैकड़ों प्रवासियों को रोककर उनके घर भेजा जा रहा है। इसके बाद सोमवार को बहुत से प्रवासी श्रमिक बेलइसा के पास पैदल ही बैग आदि लेकर आते दिखे। पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें किसी ने रोक नहीं। शहर के बाहर तक वह लोग ट्रक से आए लेकिन शहर में घुसने से पहले ही ट्रक ने उन्हें उतार दिया। अगर पिकेट प्वांइट पर श्रमिकों केे रोका नहीं जा रहा तो यह बनाए किस लिए गए। वहीं प्रशासन की मानें तो जनपद में बनाए गए सभी पिकेट प्वाइंट पर रोककर इन श्रमिकों केे वाहनों के माध्यम से कलेक्शन प्वाइंट भेजा जा रहा है। जहां से इन्हें रोडवेज भेजा जा रहा है। इसके लिए हर कलेक्शन प्वाइंट पर पांच-पांच गाड़ियों की व्यवस्था की गई। रोडवेज भपर इनकी जांच कर नाश्ता आदि देकर बसों के जरिए गंतव्य तक बसों के जरिए भेजा जा रहा है। वहीं जिले के आला अधिकारियों का कहना है कि अब जो श्रमिक पैदल आ रहे हैं वह मुख्य मार्ग की बजाए गांव के विभिन्न रास्तों का सहारा ले रहे हैं।
मेहनाजपुर में भी बनेगा पिकेट प्वांइट
आजमगढ़। प्रशासन की ओर से जनपद की हर सीमा पर पिकेट प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को रोककर उन्हें बसों के जरिए गंतव्य तक भेजा रहा है। लेकिन गाजीपुर से जनपद की सीमा में प्रवेश करने वाले मार्ग पर पिकेट प्वाइंट का निर्माण नहीं किया गया है। जिसके कारण इस मार्ग से होते हुए ट्रकों के जरिए श्रमिकों का आवागमन जारी है। इसे देखते हुए डीएम एनपी सिंह ने मेहनाजपुर में भी पिकेट प्वाइंट बनाने का निर्णय लिया है। वहीं बहुत से ट्रक चालक लोगों को लाकर मेहनाजपुर में ही छोड़कर चलते बन रहे हैं। जिसके कारण श्रमिकों और क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।