आजमगढ़। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत दस सालों में स्वीकृत 66 आंगनबाड़ी भवनों में से 14 का ही निर्माण पूरा हो पाया है। इसमें से कार्यदायी संस्था सिर्फ दो आंगनबाड़ी भवनों को हैंडओवर कर सकी है। अन्य आंगनबाड़ी भवन अभी अधूरे पड़े हैं।
वर्ष 2016-17 में 4.96 करोड़ की लागत से जिले में 66 आंगनबाड़ी भवन बनाने की स्वीकृति शासन से मिली। इसमें 29 आंगनबाड़ी भवन सठियांव और 37 आंगनबाड़ी भवन मिर्जापुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों में बनाने हैं। दिसंबर 2017 में प्रथम किस्त जारी होने के बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (यूपीआरएनएसएस) ने कार्य शुरू कर कराया। शासन की तरफ से पांच किस्तों में स्वीकृत बजट जारी कर दिया गया लेकिन दस सालों में कार्यदायी संस्था 66 में से 14 आंगनबाड़ी भवन तैयार कर पाई। तैयार भवनों में दो ही हैंडओवर किए जा सके हैं। अभी करीब 10 आंगनबाड़ी भवनों की छत नहीं ढाली जा सकी है। इसके अलावा जिन गांवों में आंगनबाड़ी भवनों की छत ढाल दी गई वहां दीवार, फर्श के प्लास्टर और रंग रोगन का कार्य नहीं हो पाया है। कार्य में देरी के पीछे कार्यदायी संस्था के अधिकारी समय से बजट न मिलने की बात कह रहे हैं।
इन गांवों में निर्माण पूरा
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि कार्यदायी संस्था मिर्जापुर ब्लॉक के मिर्जापुर, मधुरामपुर प्रथम, मधुरामपुर द्वितीय, सीधा सुल्तानपुर प्रथम, सीधा सुल्तानपुर द्वितीय के आंगनबाड़ी भवन तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा सठियांव ब्लॉक में चकसिकठी, देवली खालसा प्रथम, देवली खालसा द्वितीय, मोईनाबाद, सठियांव प्रथम, सठियांव द्वितीय और सठियांव तृतीय आंगनबाड़ी भवन का निर्माण पूरा हो चुका है।
कब कितना मिला बजट
आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए शासन की तरफ से कार्यदायी संस्था को दिसंबर 2017 में 82.72 लाख, मई 2020 में 1.32 करोड़ फिर जनवरी 2023 में 33.09 लाख दिए गए। इसके बाद जुलाई 2023 में 99.24 लाख और नवंबर 2023 में 1.48 करोड़ रुपये जारी किए गए।
दो आंगनबाड़ी भवन पहले के हैंडओवर हुए है जबकि 12 आंगनबाड़ी भवन हैंडओवर की प्रक्रिया में हैं। 42 की छत ढाली गई है 10 की अभी बाकी है। कार्यदायी संस्था को सभी आंगनबाड़ी भवनों का जल्द कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी जिले और शासन स्तर से भी बराबर माॅनिटरिंग की जा रही है। - वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।