आजमगढ़। जिले में छिटपुट बारिश के कारण अधिकतम तापमान गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस पर तो पहुंच गया है, लेकिन उमस बरकरार है जिसके कारण बिजली की डिमांड कम नहीं हो रही है। ओवरलोड के कारण प्रतिदिन 25 से 30 ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। बीते पांच दिनों में 132 ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडिंग के कारण जल गए।
मौसम में बदलाव जून के आखिरी सप्ताह से ही शुरू हो गया था। जिसके कारण जून में अच्छी बारिश हुई। इधर भी छिटपुट बारिश हो रही है। आसमान में काले बादलों का आना जाना लगा है लेकिन लोगों को उमस से राहत नहीं मिल पा रही है। विद्युत उपकरणों का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है। वर्तमान समय में किसान धान की रोपाई में जुटे हैं, जिसके कारण बिजली की डिमांड कम नहीं हो रही है।
प्रतिदिन 475 से 480 मेगावाट के बीच बिजली की खपत हो रही है जबकि नार्मल दिनों में 350 मेगावाट के आसपास बिजली की खपत होती थी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो ज्यादातर किसान खेती के लिए सबमर्सिबल पंप का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकांश किसानों ने सबमर्सिबल पंप कनेक्शन नहीं लिया है और जब बिजली की आपूर्ति शुरू हो रही है तो एक साथ सभी ट्यूबवेलों के चलने से ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड हो जा रहे हैं। जब तक ओवरलोड सहने की क्षमता रहती है तब तक ट्रांसफॉर्मर से बिजली आपूर्ति होती रहती है नहीं तो वह जल जा रहे हैं। प्रतिशत 25 से 30 ट्रांसफॉर्मर के डैमेज होने की शिकायत वर्कशॉप को आ रही है। इधर पांच दिनों में 132 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं।