आजमगढ़। जनपद में शौचालय के निर्माण में तेजी का परिणाम है कि जनपद की रैंकिंग भी सुधरी है। शुरू से ही 74 वें स्थान पर काबिज जनपद अब 67 वें स्थान पर आ गया है। जिले के 3931 राजस्व गांवों में से 2786 गांवों को ओडीएफ करा लिया गया है।
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए पूरे देश को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने का सपना देखा था। लेकिन उप्र में कुछ जगहों को छोड़कर कहीं भी शौचालय निर्माण में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी। सपा सरकार में इस योजना पर अधिकारियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। जब प्रदेश में योगी सरकार आई तो जनपद के सिर्फ 83 गांव ही ओडीएफ हुए थे। इसमें भी वह गांव शामिल थे जिनकी आबादी मात्र पांच से 10 घरों की थी। योगी सरकार बनने के बाद इस दिशा में तेजी से कार्य हुआ। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इसमें लगाया गया। हालांकि जनपद को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सका। अब सरकार ने इसके लिए दो महीने की मोहलत और दी है। अब तेजी से हो रहे काम का परिणाम है कि जिला प्रशासन अब तक 3931 राजस्व ग्रामों में से 2786 ग्रामों को ओडीएफ घोषित कर चुका है। 1145 गांव शेष हैं जिन्हें ओडीएफ किया जाना है। जनपद में ओडीएफ का प्रतिशत 70.87 और जीयो टैगिंग का प्रतिशत 62.82 प्रतिशत तक पहुंच गया है। शुरू से ही 74वें स्थान पर काबिज जनपद अब ओडीएफ में 67 वें स्थान पर, जीयो टैगिंग में 66वें और एमआईएस में 62 रैंक पर आ गया है।
जनपद की ओडीएफ रैंकिंग में सुधार हुआ है। ओडीएफ की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी और एडीओ पंचायत को निर्देशित किया गया है कि वह इसका सत्यापन करते रहें। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं है।
- कमलेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।