गर्मी ने लोगों के दिन का सुकून और रातों का चैन छीन लिया है। गर्मी इस कदर है कि पंखा और कूलर से भी राहत नहीं मिल रही है। मंगलवार को जिले का तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया। पुरुआ हवाओं के कारण बढ़ी उमस ने हर किसी को बेहाल किया।
मंगलवार की सुबह से ही गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था। गर्मी के कारण हर कोई बेचैन दिखा। पुरुआ हवा के कारण लोगों को उमस ने परेशान किया। 10 बजते-बजते सूर्य की किरणों की तपिश बदन को झुलसाने लगी। आफिस जाने के लिए निकले लोग गर्मी से व्याकुल दिखे। ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर गला तर करने वालों की भारी भीड़ लगी हुई थी। जिसे कोई काम नहीं था, उसने घर में ही रहना गवारा समझा। गर्मी के कारण अब संक्रामक बीमारियों ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। मंगलवार की गर्मी को देख हर कोई परेशान था।
वर्तमान में भीषण गर्मी पड़ रही है। इसलिए जब भी घर से निकलें, भरपेट पानी पीकर निकलें। सिर से लेकर पैर तक शरीर को ढंककर निकलें। तली भुनी चीजों और खुले में रखे खाद्य और पेय पदार्थों को खाने से बचें। अगर लूज मोशन, डायरिया, पीलिया आदि की शिकायत होती है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। - डा. राजनाथ, वरिष्ठ फिजीशियन
वैसे तो जिला अस्पताल हमेशा मरीजों से भरा रहता है लेकिन गर्मी के कारण इनकी संख्या में लगभग पांच प्रतिशत की वृद्घि हुई है। जो मरीज बढ़े हैं, उनमें डायरिया, पीलिया, लूज मोशन आदि के मरीज ज्यादा है। मौसम अगर इसी तरह से रहा तो इसमें और वृद्घि की उम्मीद की जा सकती है। - डा. जीएल केशरवानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक