आजमगढ़। बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है, रफ्तार नियंत्रण में रखने पर यात्रा सुरक्षित हो सकती है। इन सबकी जानकारी होने के बावजूद लोग जहां हेलमेट पहनने से परहेज करते हैं। वहीं रफ्ताीर पर किसी का नियंत्रण नहीं रहता। इतना ही नहीं नियम के विरुद्ध धड़ल्ले से तीन सवारी बैठकर यात्रा करते हैं। मोबाइल पर बात करते बाइक चलाना भी आम हो गया है। पुलिस ऐसे लोगों को देखने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करती।
जिले में शायद ही कोई परिवार हैै जिसके घर दो पहिया छोटे-बड़े वाहन न मौजूद हों। धनाड्यों के घर दो पहिया वाहनों की कोई गिनती ही नहीं है। भागमभाग के परिवेश में मोटरसाइकल लोगों की मजबूरी बन गई है। लेकिन यह लोग अपनी सुरक्षा के प्रति बिलकुल भी सचेत नहीं हैं। ना ही नियमों का पालन कराने में पुलिस या आरटीओ विभाग ही सक्रियता दिखाती है। सरकार ने हेलमेट पहनकर बाइक चलाने, गाड़ी चलाते समय कान में इयरफोन न डालने, बाइक पर दो लोगों के ही बैठने और रफ्तार नियंत्रित रखते हुए बाइक चलाने की लोगों से अपील सिर्फ यातायात माह में करती है। इसके बाद की कार्रवाई को भुल जाती है। पुलिस के इस सुस्ती का परिणाम है कि लोग कान में ईयरफोन लगाकर, बगैर हेलमेट पहने तेज गति से बाइक चला रहे हैं। ऐसे लोगों में युवाओं की संख्या अधिक है। सरकार ने जहां इसके लिए अभियान चलाकर नियम विरुद्ध बाइक चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। वहीं पुलिस का यह अभियान जिले में सुस्त दिख रहा है। सीओसिटी सच्चिदानंद ने बताया कि व्यस्तता के चलते अभियान सख्त नहीं हो पा रहा। जल्द ही इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।