आजमगढ़। जिलाधिकारी ने पिछले दिनों फूलपुर तहसील से मार्टीनगंज तहसील से संबंधित फाइलें को मार्टीनगंज स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई थी, इसके विरोध में फूलपुर के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया था। हड़ताल शुरू कर दी थी। पिछले दिनों फूलपुर के वकीलों इस संबंध में शासनादेश के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात की। शासनादेश के परीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अपना फैसला वापस लेते हुए पुरानी फाइलों को फूलपुर में ही रखने के निदेश दिए हैं।
पिछले दिनों जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने मार्टीनगंज तहसील से संबंधित वादों को फूलपुर से स्थानांतिरत करने के निर्देश दिए थे। तहसील प्रशासन की ओर से इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन फूलपुर तहसील के अधिवक्था संघ ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ऐसा ही लालगंज तहसील में हुआ था। गत दिनों ने फूलपुर में आयोजित तहसील समाधान दिवस में अध्यक्ष लालचंद के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात की थी। शासनादेश का हवाला देते वादों को यहां रखने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को शासनदेश के साथ कलक्ट्रेट में तल ब किया था। 30 दिसंबर को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के सामने शासनदेश को प्रस्तुत किया। इसकी जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता को सौंपी गई थी। नई तहसीलों के नॉटीफिकेशन के समय जारी शासनदेश में कहा गया था कि ऐसे पुराने वाद जहां चल रहे हैं, उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि परीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने वादों को स्थानांतरित करने का फैसला वापस ले लिया है। अब इन वादों की सुनवाई फूलपुर तहसील में ही होगी।