मार्टीनगंज। कर्बला के मसायबी नौहे के बीच भादो गांव में सात मुहर्रम का विशेष मातमी जुलूस निकाला गया। मातमी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम कर इमाम हुसैन को आंसुओं का नजराना पेश किया। कर्बला के वाकयात सुनकर अजादारों की आंने नम हो गईं।
सात मुहर्रम को इमाम हुसैन के भतीजे हजरत कासिम की याद में मेहंदी का जुलूस अजादार निकालते हैं। मेहंदी का जुलूस गांव भादो स्थित इमाम बारगाह हादी हसन से उठकर इमाम बारगाह अमीर हसन से होकर कर्बला भादो में जाकर संपन्न हुआ। हजरत इमाम हुसैन की चार साल की बच्ची बीबी सकीना की याद ताबूत, अलम और मेहंदी का जुलूस भी निकाला गया। जुलूस की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अहमद हसन खान ने कहा कि इमाम हुसैन हिदायत के चिराग हैं। इमाम हुसैन पर रोना सवाब है। इसकी बड़ी फजीलत है। जिसने इमाम पर एक कतरा भी आंसू बहाया उसे जन्नत मिलेगी। जिसने इमाम की मुसीबत सुन कर आंसू बहाया गोया वो इमाम का हमदर्द है। मजलिस के बाद अंजुमन मोईनुल अजा ने जुलूस निकाला जो अपने पारंपरिक रास्ते से होता हुआ कर्बला भादो में जाकर संपन्न हुआ। सोजख्वानी सरफ़राज हुसैन, एजाज हुसैन, मेहंदी हादी और हमनवा ने की। इस मौके पर अफसर अनमोल, अली हसन, जमीरुल, कायम, जावेद, मोहम्मद अली, अर्शी, ताकि, जकी, कामिल, काशिफ, हैदर अली मौजूद रहे ।
अकीदत के साथ निकला आठवीं मोहर्रम का जुलूस
मेजवां। फूलपुर तहसील क्षेत्र के दसमड़ा गांव में शुक्रवार को अंसार हुसैन के अजाखाने से शुक्रवार को आठवीं मोहर्रम का जूलूस अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में सबसे आगे हजरत अब्बास का अलम अजादार लेकर चल रहे थे। अंजुमन गुलजारे पंचतन ने नौहा मातम कर खिराजे अकीदत पेश किया। मौलाना अमीर हैदर साहब ने तकरीर पेश किया। चमावां गांव में अंजुमन फरोगे अजा की ओर से जुलूस निकाले गए। जिसमें अंजुमन फरोगे अजा ने तारीखी नौहा पेश किया। अंजुमनों द्वारा पढ़े गए एक एक लब्ज सुन कर्बला का वाकया ताजा हो गया। दसमड़ा स्थित शहनशाह हुसैनी में जैनबिया वेलफेयर सोसायटी की ओर से मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें बाहरी अंजुमन सज्जादिया जफराबाद ने मातम किया। इस क्रम में शाहजेरपुर गांव में अंजुमन जीनतुल अजा की ओर से आठवीं का जुलूस निकाला गया। जिसमें गांव के हिंदू-मुसलमान दोनों समुदाय के लोग शामिल थे। पूर्व प्रधान हसन इमाम ने लोगों का आभार प्रकट किया। इस क्रम में मक्खापुर, सैदपुर, मित्तूपुर, कुशलगांव में भी जुलूस निकाला गया।
सकीना की याद में निकाला गया ताबूत
मार्टिनगंज। सातवी मोहर्रम गुरुवार को इमाम हुसैन के भतीजे हजरत कासिम की याद में मेंहदी का जुलूस ग्राम भादव स्तिथ इमामबारगाह हादी हसन से उठकर इमामबारगाह अमीर हसन से होकर कर्बला भादव में जाकर संपन्न हुआ। इस दरमियान हजरत इमाम हुसैन की चार साल की बच्ची सकीना की याद में ताबूत-ए-अलम और मेंहदी की तुर्बत का जुलूस भी जुलूस निकला।
मातमी जुलूस में अंजुमनों ने नौहा - मातम कर इमाम हुसैन को आंसुओं का नजराना पेश किया। जुलूस की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अहमद हसन खान ने कहा की इमाम हुसैन हिदायत के चिराग हैं। इमाम हुसैन पर रोना सवाब है। इसकी बड़ी फजीलत है। जिसने इमाम पर एक कतरा भी आंसू बहाया उसे जन्नत मिलेगी। जिसने इमाम की मुसीबत सुन कर आंसू बहाया वह इमाम का हमदर्द है। जिसने इस वाकये पर किसी भी तरह से खुशी मनाई वह यजीद के पाले में है। रसूल-ए-अकरम इमाम हुसैन का गम मनाने वाले की पहचान कराएंगे। मजलिस के बाद अंजुमन मोईनुल अजा ने जुलूस निकाला जो अपने पारंपरिक रास्ते से होता हुआ कर्बला भादव में जाकर सम्पन्न हुआ। सोजखानी सरफराज हुसैन, एजाज हुसैन, मेहदी हादी ने किया। इस मौके पर अफसर अनमोल, अली हसन, अमीरुल, कायम, जावेद, मोहम्मद अली, अर्शी, कामिल, काशिफ, हैदर अली, अनमोल अब्बास, अमानत अब्बास, अमन अब्बास आदि उपस्थित थे।