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सड़कों पर गूंजते रहे इंकलाब जिंदाबाद के नारे...प्रदर्शन

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आजमगढ़। दो दिवसीय धरने के दूसरे दिन बुधवार को बीएसएनएल के चारों घटकों ने संयुक्त रूप से अपनी मांगों को लेकर सीडाट पर पंचानन राय की अगुवाई में डटे रहे। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। जिला सचिव आनंद कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से बीएसएनएल के लिए सरकार नीतियां बना रही है। उससे साफ है कि सरकार की मंशा है कि उसे घाटे में दिखाया जाए। पूरी साजिश के तहत उसका निजीकरण किया जा सकें। सरकार ने बीएसएनएल को गर्त में ढकलने का काम किया है। सचिव आनन्द सिंह ने सरकार द्वारा न्यूनतम मानदेय 18 हजार किया जाए, सरकारी क्षेत्र में एफडीआई पर रोक लगाने की मांग की। आरके यादव ने कहा कि अभी तो दो दिवसीय धरना है। अगर सरकार हमारी मांगों पर गंभीर नहीं हुई तो चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे। मातादीन यादव, सीता राम यादव, परमेश्वर शाह, छेदी शर्मा, विरेन्द्र कुमार चौबे, रामजीयावन यादव, हरेन्द्र दुबे, ओमप्रकाश सिंह, हरिशंकर यादव, महेश कुमार, प्रशांत यादव, यशवन्त सोनकर, नीलम, राजपति देवी, किसमती देवी, तौफिक आलम, राजा राम, श्याम नारायण यादव, अशोक यादव, घन श्याम प्रजापति, शिवशंकर, सुबास श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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17 सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ियों ने की नारेबाजी
आजमगढ़। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन का दो दिवसीय धरना नगर के रिक्शा स्टैंड पर बुधवार को समाप्त हो गया। अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष सीमा यादव एवं संचालन रीना यादव ने किया। कार्यकत्रियों ने 17 सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए आगामी चुनाव में सरकार को सबक सिखाने के लिए आवाज बुलंद की। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने कहाकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांग जब तक पूरी नहीं हो जाती है तब तक हम अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। सरकार अपने हठवादी रवैये को छोड़ दे नहीं तो इसका खामियाजा आगामी 2019 के चुनाव में भुगतना पड़ेगा। सीएम योगी ने मानदेय दोगुना करने का आश्वासन दिया था लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी लागू नहीं किया गया। अभी दो दिवसीय धरना जारी है अगर सरकार नहीं चेती तो हम आगे अनिश्चितकालीन समय के लिए लामबंद होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। सुनीता राय, मंजूला, सुशीला, अर्चना, साधना शांति, माधुरी चौरसिया, सरोज पाल, सरिता भारती, बिन्दुमती, रीना यादव, शिवकुमारी, रिंकू सिंह, संगीता गौड़, कुसुम राय, सुनीता राय, आशा, सरस्वती, अनीता, सुनीता गौड, उर्मिला यादव, गीता यादव, गीताजंलि, उर्मिला, लालमती, प्रमिला, शशिकला, शैलजा पाल, किरन, रूचि राय, लालसा, आदि मौजूद रहे।

डाकघर, एलआईसी कर्मचारी भी रहे हड़ताल पर
मेजवां। फूलपुर क्षेत्र में राष्ट्रीकृत बैंक, डाकघर, एलआईसी के कर्मचारी बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। पुरानी पेंशन बहाली, विनिवेश सहित आठ सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होने पर कार्यालयों में ताला बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते लाखों रुपये का लेनदेन नहीं हो सका। फूलपुर डाकघर में कर्मचारियों ने कार्यालय में ताला बंद कर केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। काफी लोगों को डाकघरों से वापस जाना पड़ा। एसबीआई को छोड़कर अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। उधर, भारतीय जीवन बीमा कार्यालय के सामने कृष्णकुमार के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया। बृजेश विश्वकर्मा, मनोज कुमार आदि रहे। अम्बारी, सरायमीर, , पुष्पनगर, अहरौला, पुष्पनगर, माहुल डाकघर समेत फूलपुर से जुड़े 11 शाखा डाकघरों में कामकाज ठप रहा।
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