आजमगढ़। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सामानों की खरीद में गबन और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा पर धांधली का आरोप लगाकर जागो युवा सेवा संस्था एवं महिला मंडल की टीम ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। डीएम को ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर ब्याज सहित धन की वसूली करने की मांग की।
संस्था के संयोजक विनीत सिंह रिशू एवं महिला मंडल की उप सचिव सुमन सिंह ने कहा कि वित्तीय 20 हजार से एक लाख रुपये तक की खरीद कोटेशन और एक लाख से अधिक की खरीददारी के लिए सार्वजनिक टेंडर होना चाहिए। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी शशी कुमार ने नियमों के धज्जियां उड़ाकर एक लाख से ऊपर की खरीदारी भी कोटेशन के माध्यम से की है। विद्यालय में मूंगफली, राजमा, चीनी, मैदा, सेफ्टीपिन, स्वेटर, जूता, स्कार्प, ईनर सेट, तौलिया, हवाई चप्पल, ट्रैक सूट आदि दो से तीन गुना अधिक दामों पर खरीदकर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। पवन सिंह ने आरोप लगाया कि दिसंबर में विद्यालयों में खाद्य सामग्रियों की सप्लाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करा ली गई थी। टेंडर को पूर्ण कराने से पहले कमेटी बनाकर सामग्रियों के बाजार भाव की जांच करानी थी, लेकिन सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की दरों को आधार बनाया, जो बाजार भाव से अधिक है। अध्यापकों के वेतन भुगतान के नाम पर शिक्षकों से कमीशन वसूला जा रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में जूही श्रीवास्तव, चित्रलेखा श्रीवास्तव, चेतना अग्रवाल, वन्दना पांडेय, ऋषभ राय, शौर्य सिंह, नीतिश दुबे, आलोक सिंह, अश्वनी, अंकित कुमार, अमन रावत, अतुल कुमार, सौरभ सिंह, उकरौड़ा, सौरभ सिंह परमार, संजीव सिंह आदि मौजूद रहे।
हिंदू संगठन भी विरोध में उतरे
-जिलाधिकारी से मिलकर दोषी के खिलाफ कार्रावाी की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी पर अनियमिता, भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिवंश मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञौपन सौंपा। दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग किया।हरिवंश मिश्रा ने आरोप लगाया कि बीएसए दफ्तर में तैनात सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी शशी कुमार मेंहनगर तहसील के गौरा गांव के रहने वाले हैं। बावजूद इसके जून 2017 में आजमगढ़ में ही तैनाती दे दी गई है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वित्तीय वर्ष 2017-18 में सामग्रियों के खरीद के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है। 21 मार्च को प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रावाई नहीं हुई। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से पूरे बजट का 40 प्रतिशत बजट कुल 19 मदों में जनवरी तक प्रेषित किया गया। लेकिन इसे तीन से चार मद में ही बंदरबाट कर लिया गया। पार्ट टाइम टीचरों के भुगतान में भी कमीशन बाजी की जा रही है। आरोप लगाया कि आरोपी खुद को भाजपा का आदमी होने का धौंस देता है। ज्ञापन सौंपने वालो में विश्व हिन्दू महासंघ के जिला प्रभारी हलधर दूबे, आकाश त्रिपाठी, लालबहादुर सिंह, सौरभ गुप्ता, अतुल, अजय मौर्य, भानू विश्वकर्मा, सोनू, आदि मौजूद थे। जिलाधिकारी ने मामले की जांच डीएसटीओ ड़. अर्चना सिंह को सौंपी है।