लाटघाट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया पर स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हो गई है। डॉक्टरों के मौजूद न रहने से मरीजों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। दवाओं और कुत्ता काटने की सुई की कमी तो अक्सर ही यहां बनी रहती है।
सीएचसी हरैया पर कहने को तो स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए पांच डॉक्टरों की तैनाती है। लेकिन अस्पताल पर मौजूदगी सिर्फ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. देवानंद ही मौजूद मिलते है। अन्य डॉक्टर अस्पताल पर कब आते है और कब चले जाते है यह किसी को पता नहीं चलता है। अस्पताल पर प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में मरीजों का आना होता है, लेकिन मात्र एक डॉक्टर की मौजूदगी के चलते कई मरीज तो अन्य डॉक्टरों का इंतेजार कर के बैरंग वापस लौट जाते है। सबसे बड़ी बात तो यहां किसी महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं है। दवाओं की उपलब्धता की जहां तक बात है तो कम ही दवा अस्पताल से मिलती है। ज्यादातर दवाएं मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ती है। कुत्ता काटने की सूई भी प्राय: यहां नहीं उपलब्ध होती है। क्षेत्र के रहने वाले दीपचंद, आकाश, अंजू सिंह, बैजनाथ आदि का कहना है कि अस्पताल पर स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरी तरह से अकाल पड़ा हुआ है। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के चलते मरीजों को यहां आने के बाद बैरंग वापस लौटना पड़ता है। लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था में सुधार और अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।