आजमगढ़। जिले में हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कड़ा रुख इख्तियार किया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अवैध अतिक्रमण को चिह्नित कर उन्हें हटाने का निर्देश दिया। साथ ही एसडीएम सदर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन भी किया।
जिले में प्राधिकरण के गठन के बाद भी अवैध निर्माण होते रहे। नगर के ठंडी सड़क पर स्थित होटल मान सरोवर के ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था। लेकिन विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से होटल का निर्माण पूरा हो गया। होटल का निर्माण ही नहीं बल्कि उक्त स्थान पर होटल का संचालन भी शुरू हो गया। अमर उजाला में खबर के प्रकाशन के बाद एडीए ने होटल मालिक को बोर्ड आदि हटाने के लिए नोटिस जारी किया लेकिन इस बात को एक माह से अधिक का समय बीत गया लेकिन होटल मालिक पर प्राधिकरण द्वारा जारी इस नोटिस का कोई असर नहीं हुआ। वहीं प्राधिकरण ने भी इसके बाद कुछ नहीं किया। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। वहीं नगर के पुराने पुल के पास भी अवैध निर्माण हो रहा था जिसे खबर छपने के बाद रोक दिया गया था लेकिन अब उसकी छत लद चुकी है। इस तरह के कई अवैध निर्माण हैं जो पूरे हो चुके हैं। अमर उजाला ने पहले ही यह अंदेशा जताया था कि मकर संक्रांति के बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन की बैठक होगी और इसमें ठोस रणनीति बनाकर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में हुई विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक में हमारी इस खबर पर मुहर लग गई। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने विकास प्राधिकरण को कड़े निर्देश दिए हैं कि शहर में अतिक्रमण की जो शिकायतें प्राप्त हों उन्हें चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। उन्होंने इस संबंध में एसडीएम सदर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह कमेटी 15 दिन में एक बार बैठक अवश्य करेगी। जो भी अवैध निर्माण की जानकारी प्राप्त होगी उसे प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। कमेटी में सीओ सीटी सदस्य और सचिव प्राधिकरण उपाध्यक्ष होंगे।