आजमगढ़। मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने बलिया व मऊ में आर्सेनिक व फ्लोराईड प्रभावित ग्रामों में शुद्ध पेयजल सप्लाई का निर्देश दिया है। इसके लिए जहां भी जरूत हो वहां रिमुवल प्लांट लगाया जाए। इसके साथ ही प्रभावित ग्रामों में पेयजल के माध्यम से शुद्ध जल की सप्लाई की जाए। मंडलायुक्त बुधवार की शाम अपने कैंप कार्यालय पर जल निगम के कार्यो की समीक्षा कर रहे थे।
अधीक्षण अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि बलिया जिले में 300 गांव आर्सेनिक प्रभावित है। इन ग्रामों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई के लिए 310 आर्सेनिक रिमुवल प्लांट पहले से ही स्थापित कर शुद्ध पेयजल की सप्लाई की जा रही है। जिस पर आयुक्त ने उप निदेशक पंचायत को निर्देशित किया कि सभी प्लांटो का सत्यापन करा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। अधीक्षण अभियंता जल निगम ने मऊ की स्थिति बताते हुए कहा कि 21 गांव फ्लोराईड प्रभावित पाये गए है, जिसमें 9 ग्रामों में पाइप लाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है। इस पर मंडलायुक्त ने शेष ग्रामों में भी पाइप लाइन बिछा कर शुद्ध पेयजल सप्लाई का निर्देश दिया। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने आर्सेनिक व फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में कैंसर, किडनी रोग आदि बीमारियों से प्रभावित लोगों की तत्काल मैपिंग कराने का सभी सीएमओं को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टीबी और एचआईवी की भी शतप्रतिशत जांच प्रभावित क्षेत्रों में कराई जाए।
स्वास्थ्य विभाग के लिपिक को निलंबित करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। मंडल में स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा को लेकर आयुक्त के रविंद्र नायक ने बुधवार की शाम अपने कैंप कार्यालय पर बैठक की। बैठक में उन्होंने शिकायत मिलने पर जिला अस्पताल बलिया के लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने जिला/मंडलीय अस्पताल से गैर जनपद स्थानांतरित ऐसे कर्मचारियों का नो वर्क नो पे के आधार पर वेतन रोकने का निर्देश दिया जो कार्यमुक्त होने के बाद अब तक नये स्थान पर ज्वाइन नहीं किए है।
आयुक्त ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि जो भी कर्मचारी अब तक ज्वाइन नहीं किए है उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन और बर्खास्तगी की जाए। स्वास्थ्य से संबंधित जो राष्ट्रीय कार्यक्रम हैं वह समाज के गरीब तबके को दृष्टिगत रखते हुए संचालित किये जाए। उन्होंने अपर निदेशक को जनपदों में होने वाली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने का भी निर्देश दिया। सरकारी अस्पतालों में 400 दवाओं के सापेक्ष मात्र 156 दवाओं की उपलब्धता पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उक्त बैठकों में कुष्ठ रोग निवारण, अंधता निवारण सहित अन्य संवेदनशील बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की जाए। बैठक में इसके अलावा मातृ-शिशु मृत्यू दर, एंबुलेंस उपलब्धता, चिकित्सकों की उपलब्धता,य नियमित टीकाकरण, मिजिल्स टीकाकरण, एंटीरैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता आदि पर विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त हरिश्चन्द्र वर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ.एनएल यादव, सीएमओ आजमगढ़ डॉ. एसके तिवारी, सीएमओ बलिया, सिफ्सा के मंडलीय कोआर्डिनेटर अरविन्द कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
गांव में कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार
रानी की सराय। शासन के निर्देश पर शीतकालीन भ्रमण पर निकले मंडलायुक्त गुरुवार को रानी की सराय विकास खंड के फिरद्दूपुर गांव में जा धमके। इस दौरान उन्होंने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी ली और गांव के निरीक्षण में कमियां मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
मंडलायुक्त नें गांव में लगाई गई चौपाल के दौरान स्वास्थ्य, सिंचाई, राजस्व, शिक्षा आदि विभागों के अधिकारी और ग्रामीण मौजूद थे। देर शाम पहुंचे मंडलायुक्त ने सबसे पहले मौजूद ग्रामीणों से गांव में सरकारी योजनाओं के बाबत जानकारी ली। गांव में प्रधानमंत्री आवास के निर्माण की जानकारी ली और आवासों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने बिजली विभाग को निर्देशित किया कि गांव में कैैंप लगाकर लोगों को कनेक्शन दिया जाए। कुपोषित बच्चों के बाबत स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया। गांव में पंचायत भवन और आंगनबाड़ी भवन निर्माण के बाबत प्रस्ताव भेज कर निर्माण कराने को भी निर्देशित किया। गांव में प्राथमिक विद्यालय के पास कब्रिस्तान होने पर राजस्व विभाग और शिक्षा विभाग दोनो को फटकार लगाई। कहा कि जनपद में और कहीं ऐसा नहीं होना चाहिए कि विद्यालय और कब्रिस्तान एक जगह हों। राशन कार्ड की शिकायत पर कहा कि सर्वे कर पात्रों का नाम चयन किया जाए जिससे किसी ग्रामीण की शिकयात न रहे। कैंप में मौजूद गांव के बच्चों से मंडलायुक्त ने शिक्षा की गुणवत्ता भी जानी। बच्चो से पहाड़ा पूछा। गांव में स्थित पोखरे की सफाई पर भी बिफरे। गांव में खेलकूद सामग्री की उपलब्धता पर ग्राम प्रधान को उसे उपलब्ध कराने के लिए कहा। किसानों से कर्ज माफी के बाबत भी जानकारी ली। इस दौरान संयुक्त विकास आयुक्त हरिश्चंद्र, एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी, एडी बेसिक योगेंद्र, परियोजना निदेशक डीडी शुक्ला, सदर एसडीएम प्रशांत कुमार आदि उपस्थित थे।