समाजवादी एक्सप्रेस वे में जाने वाली जमीन के उचित मुआवजे के लिए किसान कमर कस लिए हैं। अब उन्हें भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव का साथ मिल गया है। शुक्रवार को उनके नेतृत्व में किसानों ने सेहदा जंगल के पास महापंचायत और धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि जब तक सरकार सर्किल रेट के अनुसार, 12 गुना मुआवजा नहीं देगी, यह प्रदर्शन चलता रहेगा।
पूर्व सांसद के नेतृत्व में निजामाबाद, सदर और सगड़ी तहसील के खरचनपुर, नन्हूपुर, मधसिया, सरदहां, चकबिजुली, बांकीपुर, पांडेय पोखर, सिसुरहां गांवों के सैकड़ों किसानों ने सेहदा जंगल में आयोजित धरने में हिस्सा लिया। धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार दुराग्रह से ग्रसित है। उसकी भेदभावपूर्ण नीति के चलते किसानों की सोना उगलने वाली भूमि का पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा है।
इससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा। उसके सामने रोजीरोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। सरकार जब तक रेट के अनुसार 12 गुना मुआवजा नहीं देगी, तब तक किसानों के हित में यह धरना-प्रदर्शन चलता रहेगा। युवा भाजपा नेता डा. पीयूष सिंह यादव ने कहा कि किसानों के हक की लड़ाई हमेशा भाजपा ने लड़ी है। किसी भी किसान के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। जब तक सांसें रहेंगी, तब तक हम उनके हक की रक्षा करने के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। प्रदेश सरकार किसानों के साथ खिलवाड़ कर रही है। असिंचित क्षेत्र के किसानों को सिंचित क्षेत्र के किसानों की अपेक्षा दुगुना मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि सिंचित क्षेत्र के किसानों को काफी कम मुआवजा मिल रहा है।
आज अन्याय, भ्रष्टाचार, अत्याचार और शोषण अपने चरम पर है। पूर्व जिलाध्यक्ष सहजानंद राय ने कहा कि भाजपा शुरू से ही किसानों के साथ खड़ी रही है। किसानों के हितैषी होने का दम भरने वाली सपा सरकार की कलई खुल गई है। किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है, जिसके कारण किसान आक्रोशित है। अगर किसानों को उनकी जमीनों का उचित मुआवजा नहीं मिला तो भाजपा उनके कंधे से कंधा मिलाकर हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। इस मौके पर रामनयन यादव, रामशब्द यादव, रामजनम यादव आदि उपस्थित थे।