आजमगढ़। नगर के पहाड़पुर स्थित श्री कृष्ण गौशाला समिति के शताब्दी वर्ष पूरे होने पर समिति की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। मंगलवार को विधि विधान से भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। जिसमें प्रवचनकर्ता राधा किशोरी ने भागवत कथा की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम संयोजक अभिषेक जायसवाल दीनू और समिति के अध्यक्ष अनूप अग्रवाल ने कथा व्यास राधा किशोरी जी की आरती उतारी। कथा के पहले दिन राधा किशोरी ने भागवत जी का महात्म, भक्ति ज्ञान, वैराग्य का प्रसंग का वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा से ज्ञान, वैराग्य और हृदय में भक्ति जागृत होती है। भागवत कथा से धुंधकारी जैसे प्रेत का भी उद्धार हो गया था। जहां भागवत कथा होती है, वहां सारे तीर्थ विराजमान होते हैं। अमृत ईश्वर प्राप्ति नहीं करा सकता, जबकि भागवत कथा से ईश्वर की प्राप्ति होती है। उन्होंने एक वृतांत सुनाते हुए कहा कि जब सुकदेव महाराज परीक्षित को भागवत कथा सुना रहे थे। तब देवगण अमृत कलश लेकर आए और सुकदेव जी महाराज से कहा कि यह अमृत परीक्षित को पिला दो और कथा हमको दे दो। इस पर परीक्षित ने पूछा कि महाराज कथा और अमृत में क्या अंतर है। उन्होंने कहा कि अमृत पान के बाद भी जीव को भवसागर से मुक्ति नहीं मिलती, जबकि भागवत मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। इस मौके पर अशोक रूंगटा, गौरव अग्रवाल, विनय रूंगटा, डा. आरबी त्रिपाठी, डा. शिशिर जायसवाल, डा. निर्मल, अंकित अग्रवाल, अनिल खंडेलिया, अजय अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, बाबी अग्रवाल, विरेंद्र बर्नवाल, अशोक गर्ग आदि उपस्थित थे।